बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नवनियुक्त सीएम सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के सख्त आदेश दिये हैं। इसी क्रम में आज शनिवार की सुबह स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने पटना में नगर विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके कई ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। इस मामले में कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का एक केस दर्ज किया गया है। आरोपी कार्यपालक अभियंता पर लगभग 1.10 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगा है। राजीव कुमार वर्तमान में विभाग के पटना में पंत भवन स्थित खरीद एवं गुणवत्ता नियंत्रण कार्यालय में कार्यकारी अभियंता हैं। उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या-15/2026 दर्ज किया गया है।
निगरानी अदालत से मिले वारंट पर कार्रवाई
बताया जा रहा है कि विशेष न्यायाधीश, निगरानी के आदेश पर शनिवार को पटना में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। जानकारी के अनुसार विजिलेंस टीम ने अभियंता के सुमित चंद्रम गृह अपार्टमेंट स्थित फ्लैट B-202, दानापुर स्थित लैंडमार्क गोल्ड अपार्टमेंट और पंत भवन के छठे मंजिल स्थित उनके कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान एसवीयू की निगरानी टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत की गई है। जानकारी के मुताबिक, राजीव कुमार वर्तमान में शहरी विकास एवं आवास विभाग में सरकार में खरीद और गुणवत्ता नियंत्रण शाखा में तैनात हैं। एसवीयू की जांच के दौरान ये पता चला है कि उन्होंने अपनी सर्विस के दौरान अलग-अलग पदों पर रहते हुए अपने सरकारी सेवक के अधिकारों गलत इस्तेमाल किया। अवैध तरीके से संपत्ति बनाई। विजिलेंस के केस में आरोप है कि राजीव कुमार ने लगभग 1,10,24,271 रुपयों की संपत्ति जुटाई है, जो उनकी आय के वैध स्रोत से अलग है।
संपत्ति के कागजातों को खंगाल रही टीम
अधिकारियों के अनुसार कार्यपालक अभियंता की संपत्तियों से जुड़े कागजातों और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है, ताकि उनकी वास्तविक आय और संपत्ति के बीच के अंतर का स्पष्ट आकलन किया जा सके। एसवीयू के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध संपत्ति कमाने की शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच की गई तो मामला सही पाया गया। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार के आवास तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है।