पटना/खगौल : महान साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु की पुण्यतिथि के अवसर पर जगत नारायण लाल कॉलेज, खगौल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, हिंदी विभाग एवं गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ रेणुजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर दीपक, तीसा, काजल, तनीषा, नंदिनी एवं अनीश ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए रेणुजी के साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रधानाचार्या प्रो० मधु प्रभा सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि फणीश्वरनाथ रेणु एक वीर हृदय के रचनाकार थे, जिन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर अपने साहित्य के माध्यम से सशक्त प्रहार किया। उन्होंने ‘फणीश्वर’ और ‘रेणु’ नाम के अर्थ को स्पष्ट करते हुए बताया कि ‘फणीश्वर’ का अर्थ नाग के ईश्वर से है, जो समाज की पीड़ा पर मुखर होकर प्रतिक्रिया देते हैं, जबकि ‘रेणु’ का अर्थ धूल है, जो उनके मिट्टी से जुड़े रहने और सामाजिक यथार्थ को निकट से देखने की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि रेणुजी की रचनाओं में सामाजिक यथार्थ का अत्यंत सूक्ष्म और सजीव चित्रण मिलता है। विशेषकर उनके रिपोर्ताज साहित्य में समाज की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आती है।
इस अवसर पर प्रो० निखिल कुमार सिंह एवं डॉ० गिरिजेश नंदन कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए और रेणुजी के साहित्यिक अवदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ० श्वेता कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ० सुषमा कुमारी द्वारा किया गया।कार्यक्रम में डॉ० जनार्दन प्रसाद, डॉ० राज नारायण सिंह, डॉ० अवंतिका कुमारी, डॉ० कोणार्क बिष्ट, डॉ० मधुबाला एवं डॉ० पंकज सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट