अरवल – भाकपा माले ( सी पी आई एम एल) के जिला कार्यालय, अरवल में जलियांवाला बाग हत्याकांड की 107वीं बरसी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखकर की गई। भाकपा माले जिला सचिव जितेंद्र यादव ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा अमृतसर के जलियांवाला बाग में निहत्थे और शांतिपूर्ण ढंग से एकत्रित हजारों लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर जो निर्मम हत्याकांड किया गया, वह भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय है।
यह घटना केवल एक नरसंहार नहीं थी, बल्कि भारतीय जनता की आजादी की लड़ाई को और तेज करने वाली चिंगारी साबित हुई। शहीदों के बलिदान ने देशभर में अंग्रेजी शासन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन को जन्म दिया। उन्होंने आगे कहा कि आज भी देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले हो रहे हैं, ऐसे में जलियांवाला बाग के शहीदों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए हमें अन्याय, दमन और शोषण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख साथियों ने संकल्प लिया कि वे शहीदों के आदर्शों पर चलते हुए सामाजिक न्याय, समानता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। इस मौके पर अरवल प्रखंड सचिव कॉ महेंद्र प्रसाद जिला कमेटी सदस्य कॉ उपेंद्र पासवान, डॉक्टर जगदीश यादव,नीतीश कुमार, प्रमोद दास ख़भैनी पंचायत के पूर्व मुखिया विजय पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट