नवादा : जिले की जीवन जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, बड़ी तालाब गेट के सामने, प्रखंड–पकरीबरावां, जिला–नवादा में महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार के अंतर्गत मिशन शक्ति के तहत संचालित जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन एवं वन स्टॉप सेंटर के सौजन्य से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘सखी वार्ता’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन–181, चाइल्ड हेल्पलाइन–1098, राष्ट्रीय साइबर क्राइम शिकायत–1930, लैंगिक भेदभाव, अक्षय तृतीया में होने वाले बाल विवाह की रोकथाम, दहेज प्रथा, POCSO अधिनियम, घरेलू हिंसा तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन कार्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी बताया गया।
बैठक की शुरुआत लैंगिक विशेषज्ञ श्री मयंक प्रियदर्शी द्वारा की गई। उन्होंने उपस्थित लोगों को घरेलू हिंसा एवं महिला उत्पीड़न के विभिन्न रूपों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी महिला के विरुद्ध उसकी इच्छा के बिना किया गया शारीरिक, यौन, मानसिक अथवा आर्थिक दुर्व्यवहार, जिससे उसकी गरिमा को ठेस पहुँचती है, उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। उन्होंने उत्पीड़न के प्रकार—शारीरिक, यौन, मानसिक/मनोवैज्ञानिक, आर्थिक एवं साइबर उत्पीड़न—पर विस्तार से प्रकाश डाला।
साथ ही इसके प्रमुख कारणों में पितृसत्तात्मक मानसिकता, लैंगिक असमानता, आर्थिक निर्भरता, अशिक्षा एवं दहेज प्रथा को बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं की शिकायत वन स्टॉप सेंटर या महिला हेल्पलाइन–181 पर की जा सकती है। इसके पश्चात वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ श्री अमन कुमार ने अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले बाल विवाह के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि समाज में इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ मानकर बिना पंचांग देखे विवाह करने की परंपरा है, जिसके कारण बाल विवाह की घटनाएँ बढ़ जाती हैं।
उन्होंने बताया कि परंपरागत मान्यताएँ, आर्थिक कारण एवं कम खर्च जैसे कारक भी इसके प्रमुख कारण हैं। बैठक में उपस्थित लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल विवाह की घटना की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तत्काल 181, 1098 अथवा 112 पर दें। उन्होंने बताया कि बाल विवाह करने या कराने पर संबंधित प्रावधानों के तहत 2 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने हेतु शपथ भी दिलाई गई।
इसके बाद वन स्टॉप सेंटर की परामर्शी सुश्री सुषमा कुमारी द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन–1098, POCSO अधिनियम एवं राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन–1930 के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जीविका के सामुदायिक समन्वयक, बुककीपर एवं सदस्यगण सहित जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन से लैंगिक विशेषज्ञ श्री मयंक प्रियदर्शी, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ श्री अमन कुमार तथा वन स्टॉप सेंटर से परामर्शी सुश्री सुषमा कुमारी एवं केस वर्कर सुश्री दीपा चौधरी उपस्थित रहीं।
भईया जी की रिपोर्ट