– डीएम के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी
नवादा : जिले के बहुचर्चित धर्मशिला मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की मुश्किलें बढ़ गई है। संयुक्त जांच कमिटी के सदस्यों ने जांच प्रतिवेदन सौंपा है। जांच प्रतिवेदन में पूर्व मंत्री राजवल्लभ यादव के कनिष्ठ सुपुत्र अखिलेश यादव के इलाज में जानबूझकर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है। जांच प्रतिवेदन की प्रति डीएम-सिविल सर्जन के साथ ही पीड़ित को उपलब्ध कराई गई है। प्रतिवेदन में संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की अनुसंशा सर्वसम्मति से सदस्यों ने की है। जांच प्रतिवेदन के आलोक में डीएम ने मृतक के पिता द्वारा उपलब्ध कराए गए आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश निर्गत किया है। डीएम के आदेश के आलोक में मुफ्फसिल थानाध्यक्ष ने एक अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई आरंभ कर दी है।
बता दें धर्मशिला मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पर दर्जनों बार मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन कार्रवाई तो दूर जांच तक कराना कभी प्रशासन ने उचित नहीं समझा। अब जब मामला हाईप्रोफाइल का आया तब न केवल जिला प्रशासन ने जांच करायी बल्कि की गयी जांच में मौत के खेल का पर्दाफाश हुआ। आवश्यकता जिले में संचालित सभी निजी क्लिनिकों की जांच की है ताकि मरीजों की जान के साथ हो रहे खिलबाड़ के साथ मरीज के परिजनों के किये जा रहे आर्थिक व मानसिक शोषण पर लगाम लगायी जा सके। जांच प्रतिवेदन ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य महकमे में मानक के बगैर लाभ- शुभ के चक्कर में निजी अस्पतालों को मान्यता प्रदान कर मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ की छूट दी जा रही है।
भईया जी की रिपोर्ट