नवादा : जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के सिमरकोल मोड़ के समीप ई-रिक्शा पलट जाने से कई लोग सड़क पर गिर पड़े और एक बच्चा ई-रिक्शा के नीचे दब गया। सड़क दुर्घटना में बच्चे के सर में गहरी चोट आई और खून बहने लगा। परिवार वाले तुरंत बच्चे को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल ले गए। वहां ड्यूटी में रहे डॉक्टर रौशन कुमार ने प्राथमिक जांच की।
पर्ची में ड्रेसिंग करने का उल्लेख किया गया, लेकिन वास्तव में केवल एक सुई और पानी का बोतल देकर बच्चे को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां पहुंचने से पूर्व ही बच्चे की मौत हो गई। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चे के मृत होने की पुष्टि की। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता समेत अन्य परिजनों में मातम पसर गया। मृत बच्चे की पहचान सिरदला थाना क्षेत्र के नवाबगंज गांव निवासी रामाशीष कुमार के तीन वर्षीय पुत्र आशीष कुमार के रूप में हुई।
चिकित्सक पर लगा लापरवाही का आरोप
अस्पताल परिसर में मौजूद पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की ड्रेसिंग नहीं की गई। सिर से खून बहता रहा और माता-पिता उसे गोद में लेकर करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय की। सदर अस्पताल पहुंचते-पहुंचते डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मृतक के चचेरे भाई नंदू कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा पलटने से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है।
चिकित्सक पर जल्दबाजी का आरोप परिजनों ने कहा कि रजौली अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. रोशन कुमार ने शुरू में कहा कि सर फटा था, लेकिन ब्लड नहीं आ रहा था और पल्स गड़बड़ था, इसलिए रेफर किया। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि बैंडेज करना जरूरी था। किंतु जल्दबाजी में उन्होंने एंबुलेंस से बेहतर इलाज हेतु सदर अस्पताल रेफर कर दिया था। रजौली एसडीओ स्वतंत्र कुमार सुमन ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी।
भईया जी की रिपोर्ट