नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से सटे बिहार के किशनगंज में पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां टेढ़ागाछ बलुआजगीर निवासी मनोहर कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब उसके घुसपैठियों से संपर्क की जांच कर रही है। उसकी निशानदेही पर छापेमारी में पुलिस ने 400 लोगों के नाम से बने फर्जी आधार कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, एक लैपटॉप, एक मॉनिटर, थंब स्कैनर, फिंगर प्रिंट स्कैनर, लैपटॉप चार्जर, सीपीयू, पास बुक, एटीएम कार्ड, जाती प्रमाण पत्र, खतियान, एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक का मोहर, एक सरपंच का मोहर तथा थंब क्लोन सहित कुल 57 दस्तावेज और उपकरण जब्त किये। मनोहर शर्मा एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है जो बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड और सरकारी दस्तावेज तैयार करने का काम कर रहा था।
छापेमारी में मिला दस्तावेजों का अंबार
किशनगंज पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि टेढ़ागाछ थानाक्षेत्र में एक किराने की दुकान में फर्जी प्रमाणपत्र और अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाया जा रहा है। इस टिप के बाद SDPO-2 के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष साइबर थाना के साथ एक विशेष टीम का गठन किया गया। सूचना के आधार पर प्रभारी पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर टीम ने बुलजागीर वार्ड नंबर-5 स्थित किराना दुकान में छापामारी की। इस छापेमारी के बाद ही फर्जी आधार कार्ड और अन्य प्रमाणपत्र बनाने के इस बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने आज शनिवार को बताया कि पकड़े गए आरोपी के पास से 400 लोगों के नाम के अलग-अलग आधार कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, एक लैपटॉप, एक मॉनिटर, आधार कार्ड, थंब स्कैनर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, लैपटॉप चार्जर, बैंक का मोहर, सीपीयू, पासबुक, एटीएम कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, खतियान, एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक का मोहर, और एक सरपंच का मोहर,आवासीय, आय, जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों सहित कई प्रकार के दस्तावेज और सामग्री बरामद किए गए हैं.
बंगाल से यूपी तक फर्जीवाड़े का खेल
इस छापेमारी में किराना दुकानदार मनोहर कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया जिसने पूछताछ में बताया कि वह इस काम में किसी अन्य व्यक्ति की आधार आईडी और क्लोन किए गए अंगूठे के निशान (थंब इम्प्रेशन) का उपयोग करता था। वह जालसाजी से तैयार किए गए प्रमाण पत्रों को आधार एनरोलमेंट क्लाइंट सॉफ्टवेयर में अपलोड कर अवैध रूप से आधार कार्ड जेनरेट कर देता था। अब पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। साइबर थाना और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीमें इस पूरे सिंडिकेट को खंगालने में जुटी हैं।