मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 15 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कई मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई है। बताया जाता है कि रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में स्प्रिट (जहरीली शराब) पीने से बीते बुधवार के दिन एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हो गई, जबकि कई लोग बीमार पड़ गए। मृतक तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर पंचायत निवासी चंदू बताया जाता है जो पेशे से टेम्पू चालक था। इसके बाद गुरुवार को दो अन्य लोगों प्रमोद यादव और हीरालाल महतो की मौत एक निजी क्लिनिक में होने की सूचना मिली। इसबीच आज शुक्रवार की सुबह भी एक अधेड़ व्यक्ति की मोतिहारी सदर अस्पताल में मौत हो गई। आज के मृतक की पहचान परसौना दलित बस्ती निवासी परीक्षण मांझी के रूप में की गई है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि इन सभी ने शराब पी थी, जिसके बाद तबीयत बिगड़ने लगी और मौत हो गई। हालांकि पुलिस इन मौतों को अभी तक संदिग्ध मानकर ही जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार जहरीली शराब पीकर बीमार पड़े लोगों की कुल संख्या 15 बताई जाती है। इन सभी लोगों ने रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में जहरीली स्प्रिट पीया था। बीमार पड़े कई लोगों की आंखों की रोशनी चले जाने की खबर ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो जहरीली शराब पीने से बीमार हैं और चोरी-चुपके इलाज करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गांव के कुछ लोगों ने शराब समझकर स्प्रिट का सेवन कर लिया। सेवन के कुछ ही देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान अबतक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अन्य कई पीड़ितों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, इस जहरीली शराब के सेवन से पहले आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है।
घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब और स्प्रिट का कारोबार चल रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। साथ ही अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में लागू शराबबंदी कानून और उसकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।