वैशाली और मुजफ्फपुर में आयोजित भोजपुरी के स्टार गायकों खेसारी लाल यादव तथा कल्पना पटोवारी के अलग—अलग कार्यक्रमों में बीती देर शाम जमकर बवाल हुआ। कुर्सियां फेंकी गईं और भारी तोड़फोड़ किया गया। दोनों ही कलाकारों के शो में हंगामे को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा। पथराव और लाठीचार्ज के दौरान 3 जवानों के जख्मी होने की सूचना है। कल्पना पटोवारी का कार्यक्रम वैशाली महोत्सव में रखा गया था जबकि खेसारी लाल यादव का मुजफ्फरपुर पशु मेले में कार्यक्रम हो रहा था। भारी बवाल के बीच लोग कार्यक्रम छोड़कर भाग खड़े हुए और शो को बीच में ही रोकना पड़ा। दोनों ही जगहों पर हुए घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गरहा पशु मेले में पहुंचे थे खेसारी लाल यादव
बवाल की पहली घटना मुजफ्फरपुर पशु मेले में आयोजित खेसारी के शो में हुई। यहां औराई के पूर्व भाजपा विधायक रामसूरत राय कई वर्षों से गरहा थाना क्षेत्र के गरहा में पशु मेले का आयोजन कराते आ रहे हैं। इस साल भी पशु मेले का आयोजन कराया गया जिसमें बीती शाम भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम था। इस वजह से मेले में भारी भीड़ पहुंच गई। जैसे ही खेसारी लाल ने मंच पर गाना शुरू किया, हूटिंग शुरू हो गई। लोग मंच पर जूते-चप्पल फेंकने लगे। पुलिस ने मामले को संभालने की कोशिश की तो मामला बिगड़ गया। इसके बाद हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। इस कार्यक्र के वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह लोग अचानक कार्यक्रम के दौरान स्टेज की तरफ जूते-चप्पल बरसाने लगे। दूसरी तरफ पुलिस उपद्रवियों पर लाठी चार्ज करती हुई नजर आ रही है। फिर लोग इधर-उधर भागने लगे। कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोग पहुंचे थे। मुजफ्फरपुर एसएसपी ने मेला प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जो प्रशासन की सूचना दी थी, उसके अनुसार तकरीबन 30 से 40 हजार लोगों की भीड़ वहां आने की संभावना थी। लेकिन इस कार्यक्रम में एक से डेढ़ लाख लोग पहुंच गए थे। जिसकी वजह से पुलिस प्रशासन को भी काफी मशक्कत करना पड़ी। इस पूरे घटनाक्रम में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
वैशाली : कल्पना ने बांधा समां, बवाल से किरकिरी
भोजपुरी कलाकार के कार्यक्रम में बवाल की दूसरी घटना वैशाली में हुई जहां वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन लोक गायिका कल्पना पटवारी के कार्यक्रम में भारी हंगामा हो गया। दर्शकों की बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। महोत्सव का यह दिन दर्शकों के लिए संगीत और उत्साह से भरा था, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने पूरा माहौल बिगाड़ दिया। दरअसल, यहां कल्पना पटवारी के मंच पर आने के लगभग आधे घंटे बाद दर्शकों में उत्साह बढ़ गया और भीड़ बेकाबू होने लगी। इसके बाद कुछ लोगों ने कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दी। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा। कार्यक्रम की शुरुआत कल्पना पटवारी ने उत्तर बिहार के प्रसिद्ध छठ पूजा गीत ‘उग हे सूर्य देव…’ से की। इसके अलावा उन्होंने नालंदा में हुई सामूहिक दुर्व्यवहार की घटना का जिक्र करते हुए इसे शर्मनाक बताया। इसी संदर्भ में उन्होंने भिखारी ठाकुर का प्रसिद्ध गीत ‘बेटी बेचवा’ भी प्रस्तुत किया। हंगामे के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने उपद्रवी तत्वों को कड़ी चेतावनी दी और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद कार्यक्रम फिर से शुरू हुआ।