बिहार में संभावित आपदा और संकटों से निपटने के लिए अब प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की पहली उच्चस्तरीय बैठक ने साफ संकेत दे दिया गया है कि अब इसमें लापरवाही बरतने की कोई जगह नहीं होगी। करीब डेढ़ घंटे चली इस मैराथन बैठक में राज्य के शीर्ष अधिकारी, सभी जिलों के डीएम-एसपी और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता को राहत और व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब हर सोमवार को क्राइसिस मैनेजमेंअ ग्रुप की नियमित रूप से बैठक होगी और इसमें आपदा उपायों की सख्त समीक्षा की जाएगी।
हर सोमवार होगी समीक्षा
CMG की बैठक हर सोमवार होने वाली नियमित समीक्षा बैठकों में अब सरकार के हर विभाग को अपनी प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। इसके साथ ही क्राइसिस मैनेजमेंट के सिलसिले में जिलों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। यह भी साफ कर दिया गया कि इसमें किसी भी तरह की ढिलाई या कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी तथा सबकी जवाबदेही तय कर दी गई है। इस बैठक में राज्य में ईंधन आपूर्ति पर खास फोकस रखा गया और संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को बैकलॉग खत्म करने का अल्टीमेटम दिया गया। बैठक के दौरान समीक्षा में यह पाया गया कि कई जिलों में LPG आपूर्ति में भारी बैकलॉग देखा गया है। इसको देखते हुए जमाखोरों को सख्त चेतावनी भी जारी की गई। आपूर्ति से लेकर प्रवासी श्रमिकों तक सरकार ने पूरी व्यवस्था कसते हुए सभी विभागों से एकदम तैयार रहने को कह दिया गया है।
जमाखोरों को सख्त चेतावनी
ईरान युद्ध के मद्देनजर एलपीजी और पेट्रोल—डीजल की उपलब्धता सामान्य रखने और अफवाहों को लेकर डीएम और एसपी को तत्काल सुधार तथा कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं। इसके तहत अब पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार की तरफ से बताया गया कि किसी भी सूरत में ‘दीदी की रसोई’ और विभिन्न छात्रावासों में गैस सप्लाई बाधित नहीं होगी। इसके अलावा PNG कनेक्शन के लिए लोगों को जागरुक करने और इसके क्रियान्वयन में सुस्ती पर नाराजगी व्यक्त की गई। बताया गया कि पीएनजी कनेक्शन हेतु 3.68 लाख घरों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन प्रगति असमान रही। मुख्य सचिव ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि इस दिशा में 14 जिलों में काम शून्य रहा। इसपर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई और तुरंत कार्ययोजना बनाकर इसमें लगने का निर्देश दिया। उनहोंने एजेंसियों को भी संसाधन बढ़ाने का आदेश दिया।
जमाखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कालाबाजारी करने वालों पर सीधे FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया। साथ ही सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। प्रवासी श्रमिकों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए उनके लिए जल्द टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने की बात कही गई। मुख्य सचिव ने राज्य लौट रहे श्रमिकों का पूरा डेटा तैयार करने के निर्देश के अलावा हर दिन प्रेस ब्रीफिंग कर सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों को जन संवाद के माध्यम से सीधे उपलब्ध कराने के भी आदेश दिये। इसके तहत अब हर दिन दोपहर 3 बजे जिला स्तर पर प्रेस वार्ता की जाएगी। यह भी बताया गया कि कंट्रोल रूम की निगरानी खुद DM करेंगे और फेक न्यूज पर तुरंत कार्रवाई होगी।
क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की आज हुई बैठक कुल मिलाकर ईरान युद्ध से उपजे हालात के मद्देनजर लोकल स्तर पर एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सामान्य रखने हेतु लोकल स्तर पर एक्शन का स्पष्ट रोडमैप है। सरकार मौजूदा हालात से निपटने की पूरी तैयारी चुकी है और जमाखोरों तथा अराजक तत्वों की निगरानी तथा सख्त कार्रवाई तय कर दी गई है। प्रभारी सचिव और आयुक्त खुद जिलों में एलपीजी स्टॉक, कंट्रोल रूम और श्रमिक स्थिति की समीक्षा तथा निरीक्षण करेंगे और दो दिन के भीतर रिपोर्ट अनिवार्य रूप से देंगे।