भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए EOU (आर्थिक अपराध इकाई) ने आज मंगलवार को बिहार सरकार के दो वरिष्ठ अफसरों के 12 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। राज्य के कई जिलों में हो रही रेड की यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। EOU के ADG नैय्यर हसनैन खान के अनुसार किशनगंज के SDPO गौतम कुमार के पटना, पूर्णिया और किशनगंज में 6 ठिकानों पर रेड चल रही है। जबकि सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार के मुजफ्फरपुर और सहरसा स्थित ठिकानों पर छापे मारे गए हैं। किशनगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौतम कुमार पर आय से 60 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, वहीं सहरसा डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार पर आय से 78 फीसदी अधिक की संपत्ति रखने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
SDPO के पास 1 करोड़ 94 लाख की अवैध संपत्ति
ईओयू सूत्रों के मुताबिक SDPO गौतम कुमार के खिलाफ जांच में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्राथमिक साक्ष्य मिले थे जिसके अनुसार उनके पास लगभग 1 करोड़ 94 लाख रुपये की अतिरिक्त संपत्ति पाई गई। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 60 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। एसडीपीओ के पटना, पूर्णिया और किशनगंज स्थित उनके कुल 6 ठिकानों पर EOU की टीम ने छापेमारी शुरू की। किशनगंज स्थित उनके आवास और कार्यालय में भी जांच चल रही है। पुलिस बल की मौजूदगी में किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पूर्णिया के रंगभूमि इलाके में स्थित आवास समेत अन्य स्थानों पर भी टीम दस्तावेज खंगाल रही है।
DRDA निदेशक वैभव कुमार पर भी कसा शिकंजा
वहीं सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति पाई गई है। जांच में उनके पास करीब 2 करोड़ 41 लाख रुपये की अवैध संपत्ति होने के संकेत मिले, जो उनकी आय से 78 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। इस मामले में उनके सहरसा और मुजफ्फरपुर स्थित कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। टीम ने उनके आवास और अन्य संपत्तियों पर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। छापेमारी के दौरान परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है। EOU की यह कार्रवाई पटना की विशेष निगरानी अदालत से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर की जा रही है। प्रारंभिक सत्यापन में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही छापेमारी का निर्णय लिया गया। दोनों मामलों को मिलाकर कुल 12 अलग-अलग स्थानों पर EOU की टीम छापेमारी कर रही हैं। इस दौरान इन अफसरों के दस्तावेज, बैंक लेनदेन और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।