नवादा : एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचिवर्स के सौजन्य से नगर के लाल बाबू मैरेज हॉल में “ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026” समारोह का आयोजन किया गया। “ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026” में जिले के सभी प्रखंडों में स्थापित के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख, प्राचार्य, प्राचार्या शिक्षक-शिक्षिका, सामाजिक, शिक्षाविद आदि हज़ारों गणमान्यो ने समारोह में शिरकत किया।
“ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026” का शुभारंभ एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचिवर्स के चेयरमैन,सह चाणक्या फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टिचियूशन निदेशक, सह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भावी प्रत्याशी डॉ दिव्य ज्योति, चाणक्या फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टिचियूशन व डॉ अशोक गगन कॉलेज के अध्यक्ष डॉ अशोक गगन,पूर्व सांसद सह अवकाश प्राप्त वीसी डॉ रामजी सिंह,एसएनबी फाउंडेशन के निदेशक डॉ विजय कुमार सिंह आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य उन शिक्षकों की समर्पण, नेतृत्व और प्रतिबद्धता को पहचानना था, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से समाज के भविष्य को आकार देते आ रहे हैं। समारोह को संबोधित करते हुए, “ग्लोबल आइकन अवार्ड – 2026” की मेजबान डॉ. दिव्या ज्योति ने समाज को आकार देने और शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति सबके सामने है, इसके बावजूद राज्य के युवाओं में देश भर में उत्कृष्टता प्राप्त करने की बहुत क्षमता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि बिहार के शिक्षा क्षेत्र को हमेशा वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार है, यह शिक्षकों की समर्पण है, जो इस प्रणाली को कार्यशील और प्रगतिशील बनाए रखे हुए है। डॉ. ज्योति ने कहा कि एक डॉक्टर इलाज कर सकता है, एक इंजीनियर भवन बना सकता है और पेशेवर उन्नत तकनीक बना सकते हैं, लेकिन अंततः एक शिक्षक ही भविष्य के सक्षम डॉक्टर, इंजीनियर और पेशेवर तैयार करता है। डॉ ज्योति ने शिक्षकों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी बिहार के शिक्षक कई मूलभूत अधिकारों से वांचित हैं। उन्होंने क्षेत्र के शिक्षकों के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा, समय पर पदोन्नति एवं बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
राजनीतिक घोषणा पर डॉ दिव्य ज्योति जी ने जोर देकर कहा कि “लगभग 25 वर्षों से मैं शिक्षकों के जीवन स्तर एवं सामाजिक स्तर पर सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए कार्य कर रही हूं तथा जीवन पर्यन्त शिक्षकों के अधिकार के लिए सड़क से सदन तक लड़ती रहूंगी। अब समय आ गया है कि शिक्षक केवल वोट देने वाला वर्ग न रहे, बल्कि अपनी मजबूत राजनीति आवाज भी बनाये।उन्होंने चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशन और डॉ. अशोक गगन ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के समस्त संस्थानों में शिक्षकों के बच्चों के लिए 30 प्रतिशत की फीस छूट की घोषणा की, जो समाज में शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन और डॉ. अशोक गगन कॉलेजे के अध्यक्ष अशोक गगन ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को उन्नत करने पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है जिसके लिये सच्चे और लगातार प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि बिहार को देश के अन्य राज्यो के बीच शैक्षिक उत्कृष्टता और शैक्षिक नेतृत्व के लिए पहचाना जाए।
डॉ. गगन ने राज्य के शिक्षकों के अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए उनका दिल से आभार व्यक्त किया, स्वीकार करते हुए कि कई चुनौतियों के बावजूद, यह उनकी अथक प्रयास है, जो बिहार की शिक्षा प्रणाली को और आगे बढ़ा रही है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद सह पूर्व वाइसचांसलर डॉ रामजी सिंह ने सभी प्राचार्यों को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है और प्राचार्य विद्यालयों के मार्गदर्शक स्तंभ होते हैं।
उन्होंने कहा कि एक अच्छे प्राचार्य के नेतृत्व में विद्यालय न केवल पढ़ाई में बल्कि संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण में भी उत्कृष्टता प्राप्त करता है। ऐसे में शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्राचार्यों को सम्मानित करना पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। एसएनबी फाउंडेशन के निदेशक डॉ विजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता है। प्राचार्य और शिक्षक यदि नई तकनीक, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाएं तो देश के विद्यार्थियों को विश्व स्तर की शिक्षा मिल सकती है।
कार्यक्रम के अंत मे सैकडों कॉलेज एवं स्कूल से पंहुचे महिला- पुरुष प्रचार्य,शिक्षक, शिक्षाविद आदि को शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण में उनके असाधारण योगदान व उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। सम्मान चार प्रमुख श्रेणियों में प्रदान किए गए जिनमें एकेडमिक एक्सीलेंस एंड लीडरशिप अवार्ड (प्रिंसिपल पुरुष), एडुकेटर एक्सीलेंस लीडरशिप अवार्ड (प्रिंसिपल महिला), नेशन बिल्डर अवार्ड (शिक्षक – पुरुष) और विद्या ज्योति अवार्ड (शिक्षक महिला) आदि शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के प्रति आभार के साथ हुआ। उपस्थित शिक्षाविदों और अतिथियों ने भी सम्मानित प्राचार्यों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में आगत अतिथियो का स्वागत दिलीप सिंह, चंदन सिंह,रिचु कुमारी,रजनी कुमारी,तूलिका सौण्डिल्य,गुड़िया झा, एवं संचालन प्रख्यात डॉ अजिता पांडेय ने किया। मौके पर डॉ अर्जुन सिन्हा,अमरेंद्र पासवान,प्रभात कुमार,मुकेश कुमार,पंकज कुमार, धीरज कुमार,दीपक सिंह,रवि पासवान, सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
भईया जी की रिपोर्ट