नवादा : उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना के दिशा-निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन एवं जिला उर्दू भाषा कोषांग, के संयुक्त तत्वावधान में उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन समाहरणालय स्थित डी.आर.डी.ए. सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री शम्भु शरण पाण्डेय एवं वरीय उप समाहर्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी, जिला उर्दू भाषा कोषांग, ए.डी.एम.ओ., एवं अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इससे पूर्व सभी पदाधिकारियों एवं अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत कर उन्हें शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि उर्दू भाषा एक सुंदर एवं समृद्ध भाषा है, जो कई भाषाओं के मेल से बनी है। इसका विकास मुख्य रूप से भारत के उत्तरी हिस्सों में हुआ, जहाँ विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं का आपसी संपर्क हुआ। उर्दू पर सबसे अधिक प्रभाव फारसी, अरबी एवं तुर्की भाषाओं का पड़ा है, जबकि इसकी बुनियाद हिंदी (खड़ी बोली) पर आधारित है।
उर्दू वास्तव में मिठास एवं भाईचारे की भाषा है और अनेकता में एकता का प्रतीक है। उन्होंने उर्दू भाषा कोषांग द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की तथा ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन जिला, अनुमंडल, प्रखंड एवं विद्यालय स्तर पर किए जाने पर बल दिया। इस अवसर पर निर्णायक मंडल के सदस्यों में डॉ. एजाज रसूल, डॉ. हाजिक फरीद, डॉ. मो. फारुक आलम, मो. जावेद इकबाल एवं मुफ्ती इनायतुल्लाह कासमी उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट