मोकामा से जदयू के दबंग विधायक अनंत सिंह चार माह बाद जेल से बाहर आ गए। रिहाई के तुरंत बाद उन्होंने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। आज मंगलवार सुबह वे अपने क्षेत्र की ओर रवाना हो गए। अनंत सिंह आज मोकामा—बाढ़ होते हुए बड़हिया—लखीसराय जायेंगे जहां महारानी स्थान में पूजा अर्चना करेंगे। पटना में जेल से बाहर आते ही उन्होंने सबसे पहले दुलारचंद यादव हत्याकांड पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वे वारदात स्थल से 4 किमी दूर थे। फिर भी उन्हें फंसा दिया गया। अनंत सिंह के आने की खुशी में उनके घर को फुलों से सजाया गया था और मिष्ठान्न भोजन का प्रबंध किया गया था। भारी संख्या में समर्थकों के साथ आज मंगलवार सुबह उनका काफिला बाढ़—मोकामा के लिए रवाना हुआ। इस दौरान अनंत समर्थक पूरे जोश में ‘छोटे सरकार जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए पूरे जोश में थे। अनंत सिंह के फेसबुक पेज पर एक वीडियो भी पोस्ट किया गया जिसमें वे अपने लोगों के बीच हाथ जोड़े दिख रहे हैं।
पटना और बाढ़ में जमकर आतिशबाजी
बताया जाता है कि आज अनंत सिंह का काफिला बख्तियारपुर, बाढ़ और मोकामा होते हुए लखीसराय तक जाएगा। इस दौरान कई जगहों पर समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। सबसे पहले उनका काफिला बाढ़ के निकट सबनीमा गांव में रुका जहां उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि मैं सबनीमा में अपने जनता मालिक के बीच पहुंच गया। बहुत खुशी हो रही है। इससे पहले मीडिया के बातचीत में अनंत सिंह ने साफ कहा कि दुलारचंद यादव संदिग्ध मौत कांड के समय वह घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर थे, इसके बावजूद उन्हें साजिश के तहत इस मामले में फंसा दिया गया। इसी दौरान अनंत सिंह ने फिर कहा कि उन्होंने यह तय कर लिया है कि अब वह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। चुनाव लड़ना ही जनता की सेवा का एकमात्र तरीका नहीं है। बिना चुनाव लड़े भी लोगों के बीच रहकर और बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है।
दुलारचंद हत्याकांड पर दिया बड़ा बयान
दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी बनाए गए अनंत सिंह को 19 मार्च को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। हालांकि, जेल से बाहर आने में कानूनी प्रक्रिया के चलते पांच दिन का समय लग गया। बीते दिन सोमवार की शाम जैसे ही वह बेऊर जेल से बाहर निकले, पहले से मौजूद समर्थकों की भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें सीधे उनके वाहन तक पहुंचाया गया और फिर उनके आवास तक समर्थक नारेबाजी करते हुए काफिले के रूप में ठिकाने पर पहुंचे। पटना आवास पर भव्य स्वागत के बाद जमकर आतिशबाजी की गई। बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन और मिष्ठान का इंतजाम किया गया था। शाम होते-होते जश्न का माहौल और भी गहरा गया तथा आतिशबाजी से आसमान रोशन हो उठा।