बिहार की सियासत में दबंग रसूख रखने वाले मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत दे दी है। आज गुरुवार 19 मार्च 2026 को हाईकोर्ट ने मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत देते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। अनंत सिंह पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा टाल क्षेत्र में हुए दुलारचंद हत्याकांड के आरोप में करीब 4 महीने से पटना की बेऊर जेल में बंद थे। विधानसभा चुनाव के वक्त प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की मोकामा टाल क्षेत्र में हत्या हो गई थी। इसी मामले में अनंत सिंह को आरोपी बनाया गया जिसके बाद से वे जेल में बंद थे। जेल में बंद रहते ही उन्होंने चुनाव जीता। लेकिन अब उन्हें जमानत मिल गई है और वे करीब 4 माह बाद जेल से बाहर निकलेंगे।
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अभी हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान जेल से विधानसभा आकर वोट दिया था। उस वक्त उन्होंने बड़ा ऐलान किया था कि अब वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। अब उनकी जगह उनका बाल-बच्चा राजनीति करेगा। अब बेल मिल जाने के बाद विधायक अनंत सिंह कल शुक्रवार या परसों शनिवार तक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेल से बाहर आ जायेंगे और अपने समर्थकों के बीच होंगे। आज दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत के लिए अनंत सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने बाहुबली विधायक की बेल पीटिशन को स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया।
विदित हो कि अभी 3 दिन पहले ही 16 मार्च को विधायक अनंत सिंह राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए जेल से बिहार विधानसभा पहुंचे थे, तो उस वक्त पत्रकारों ने उनसे सवाल किया था कि आप बाहर कब आ रहे हैं? आपके समर्थक उदास हैं और आपको अपने बीच देखना चाहते हैं। इस पर जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने बेबाक अंदाज में जवाब देते हुए कहा था कि—’कोई उदास नहीं है…. हम आ रहे हैं। एक से दो महीने के भीतर हम बाहर आ जायेंगे…’ विदित हो कि मोकामा टाल इलाके में दुलारचंद यादव की हत्या 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। इस कांड में अनंत सिंह को आरोपी बनाया गया था। जेल में रहते हुए ही अनंत सिंह को चुनाव में जीत मिली थी। अनंत सिंह से पहले उनकी पत्नी नीलम देवी मोकामा से विधायक थीं।