– खाद्यान्न सचिव व डीएम से जांचोपरांत कार्रवाई की मांग
नवादा : जिले में पीडीएस व मनरेगा योजनाओं में भ्रष्टाचार की अकथ कहानी का अंत नहीं है। हालात यह है कि चाहे जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल हों या फिर जिले के वरीय पत्रकार रवीन्द्र नाथ भैया की खोजी पत्रकारिता हो जिला प्रशासन को कोई अंतर नहीं पड़ता। ऐसे में भ्रष्टाचार सर चढ़कर बोल रहा है। कुछ इसी प्रकार एक नया मामला सामने आया है। एक बार फिर मामला पीडीएस विक्रेता से जुड़ा है। रजौली प्रखंड अमावां पंचायत पीडीएस के फर्जी विक्रेता योगेन्द्र पासवान के विरुद्ध खाद्यान्न सचिव के निर्देश पर डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति का रिपोर्ट अभी सामने आया नहीं कि एक नया मामला फिर सामने आ गया है।
मामला सिरदला प्रखंड बड़गांव पंचायत पीडीएस विक्रेता से जुड़ा है। स्वयं पीडीएस विक्रेता वीरेंद्र प्रसाद सिंह अनुज्ञप्ति संख्या 140/17 स्वयं तो स्वयं अपने बेटे – बेटियों के नाम अंत्योदय राशन कार्ड बनवा खाद्यान्न का उठाव कर सरकार के नियमों का उल्लंघन कर खाद्यान्न का लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं। फर्जीवाड़ा का हल तो यह कि दूसरे का अंत्योदय कार्ड डाटा आपरेटर की मिली भगत से अपने नाम कर प्रति कार्ड पैंतीस किलोग्राम खाद्यान्न का उठाव स्वयं किया जा रहा है। यानी लगभग डेढ क्विंटल से भी अधिक खाद्यान्न का उठाव किया जा रहा है।
आश्चर्य यह कि सबकुछ इंटरनेट पर लोड रहने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कार्रवाई तो दूर जांच करना तक उचित नहीं समझते। आरटीआई कार्यकर्ता ने एक बार फिर प्रमाण के साथ खाद्यान्न सचिव व डीएम से जांचोपरांत कार्रवाई की मांग कर गेंद अधिकारियों के पाले में डाल दिया है। अब जिले के नागरिकों को अधिकारियों द्वारा की गयी कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
भईया जी की रिपोर्ट