पटना : बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार को हुए मतदान के साथ ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच शह-मात के इस खेल में हर एक वोट पर सबकी निगाहें टिकी रहीं। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान देते हुए महागठबंधन के खेमे में जोश भरने की कोशिश की है। तेजस्वी के अनुसार आंकड़ों में भले ही कुछ कमी दिख रही हो, लेकिन विपक्षी एकजुटता के साथ संख्या 41 तक पहुंच गई है, इसलिए अंतिम परिणाम आने तक घबराने की जरूरत नहीं।
विपक्षी एकजुटता पर भरोसा
मतदान के दौरान मीडिया से बातचीत में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने स्वीकार किया कि महागठबंधन के पास अपने दम पर कुछ वोटों की कमी जरूर थी। लगभग 6 मत कम पड़े, लेकिन अगर हम सभी विपक्षी दलों की संख्या को मिला दें तो यह आंकड़ा 41 हो जाता है। आगे उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है किसी को भी घवराने की जरुरत नहीं, अंतिम नतीजों का इंतजार करना चाहिए।
एनडीए बनाम महागठबंधन, कांटे की टक्कर
बिहार की पांच सीटों के लिए जारी इस चुनावी जंग में एनडीए अपनी संख्या बल के आधार पर मजबूत स्थिति में दिख रहा है, वहीं महागठबंधन ने रणनीति के तहत घेराबंदी कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेजस्वी का 41 का गणित ‘क्रॉस वोटिंग’ या निर्दलीय विधायकों के समर्थन की ओर इशारा कर रहा है, जो चुनाव परिणाम को पलट सकता है।
पल-पल बदलती रही तस्वीर
दिन भर चले मतदान के दौरान विधानसभा परिसर में गहमागहमी बनी रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष के रणनीतिकार अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे रहे। चर्चा इस बात की भी रही कि कुछ विधायकों की अनुपस्थिति या संभावित पाला बदलने से समीकरण बिगड़ सकते हैं। अब सबकी नजरें मतगणना और उसके बाद आने वाले आधिकारिक नतीजों पर टिकी हैं, जो बिहार की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।