पटना : आगामी ईद, चैती दुर्गा पूजा, चैती छठ, रामनवमी तथा बिहार दिवस के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने विधि-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में समीक्षा बैठक कर प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए वरीय दंडाधिकारियों के नेतृत्व में दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी तथा ड्रोन, वीडियो कैमरा और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (QMRT) तैनात रखने का निर्देश दिया गया।
चैती छठ के अवसर पर गंगा नदी सहित अन्य नदियों और तालाबों के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया। इसके लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की प्रतिनियुक्ति तथा नदी घाटों पर गोताखोरों और रिवर पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत चर्चा की गई। डीएम ने अधिकारियों को समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने शरारती तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा पूर्व की घटनाओं में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
डीएम और एसएसपी ने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर बजाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक गीत, कार्टून या झांकी के प्रदर्शन पर पूर्ण रोक रहेगी।सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की विशेष निगरानी रहेगी। फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जुलूस के लिए लाइसेंस जारी करना अनिवार्य होगा और बिना अनुज्ञप्ति कोई जुलूस नहीं निकलेगा। जुलूस के मार्ग और समय का शत-प्रतिशत सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
महावीर मंदिर व प्रमुख स्थलों पर विशेष व्यवस्था
डीएम और एसएसपी ने बताया कि पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के सुचारु प्रवेश, आवागमन और निकास के लिए विशेष प्रशासनिक प्रबंध किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, एनसीसी और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी।
यातायात प्रबंधन की भी होगी विशेष व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक (यातायात) द्वारा ट्रैफिक प्लान के अनुसार यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी। महावीर मंदिर के आसपास चिन्हित स्थलों पर ही वाहनों की पार्किंग कराई जाएगी ताकि अव्यवस्थित पार्किंग से जाम की स्थिति न बने। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अस्थायी मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और पारा-मेडिकल टीम की व्यवस्था की जाएगी। चिकित्सकों एवं जीवन रक्षक दवाओं के साथ चिकित्सा शिविर भी क्रियाशील रहेंगे।
इसके अलावा नगर निगम को जुलूस मार्गों की साफ-सफाई, नालों की सफाई और मैनहोल की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जुलूस मार्गों पर झूलते बिजली तारों को ठीक कराने को कहा गया है। महत्वपूर्ण स्थानों पर फायर ब्रिगेड की भी तैनाती की जाएगी। डीएम और एसएसपी ने कहा कि विधि-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना आम नागरिक 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 0612-2219810 / 2219234 या डायल-112 पर दे सकते हैं।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट