नवादा : रसोई गैस को लेकर जिला प्रशासन और गैस एजेंसी संचालकों का जो बयान हैं वे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे। अगर प्रशासन व एजेंसी संचालकों की बात मान ली जाये कि जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है तो फिर गैस एजेंसियों के दफ्तर पर लम्बी लम्बी लाइने क्यों लग रही हैं ? गैस की राशनिंग क्यों की गई? नियमित आपूर्ति क्यों नहीं हो रही है? सबको मालूम है कि ईरान -इजरायल और अमेरिका युद्ध के कारण गैस और तेल की आपूर्ति बाधित है लेकिन पता नहीं क्यों सरकार इस सच को स्वीकार करने से कतरा रही है। इस बीच संकट को कमाई का अवसर मानने वाले कालाबाजारियों का गिरोह सक्रिय हो गया है। इससे आम आदमी परेशान है।
उचित यह होता कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र को संबोधित कर युद्ध और उससे उत्पन्न संकट की पूरी जानकारी देश को देते। लोगों से रसोई गैस की खपत घटाने की अपील करते, जैसा की कोरोना काल में वे करते रहे हैं। गैस और पेट्रोलियम मंत्री गैस कंपनियों और डीलरों से बात कर आपूर्ति दुरुस्त रखने का निर्देश देते, तो इस संकट से पूरा देश लड़ता। लेकिन सरकार संकट से मुंह मोड़ रही है इससे संकट खत्म नहीं होगा बल्कि वणिक वृति वाले मुनाफाखोर और कालेबाजारियो के गिरोह को मौका मिलेगा।
भईया जी की रिपोर्ट