भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने राजधानी पटना में बड़ी छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति के एक मामले SVU की टीम ने बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के DGM (प्रोजेक्ट) के पद पर तैनात पंकज कुमार के कई ठिकानों पर एकसाथ छापा मारा। पंकज कुमार पिछले करीब 11 साल से बिहार में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं। आरोप है कि पंकज कुमार ने बिहार सरकार में एक लोक सेवक के रूप में अपनी 11 वर्षों की सेवा अवधि के दौरान विभिन्न पदों पर रहते हुए अपने ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। सरकारी नौकरी में रहते हुए पंकज कुमार ने अपनी कमाई से कहीं ज़्यादा पैसा और प्रॉपर्टी बनाई और घोषित आय में उसे छिपाया। जांच में पता चला है कि उनके पास लगभग 96.46 लाख रुपये की ऐसी संपत्ति है जिसका उनके पास कोई कानूनी हिसाब—किताब नहीं है।
निगरानी की विशेष अदालत ने जारी किया वारंट
इस मामले में विशेष न्यायाधीश निगरानी अदालत पटना द्वारा तलाशी का वारंट जारी किया गया था। वारंट मिलने के बाद SVU की टीम ने कार्रवाई करते हुए पंकज कुमार के पटना स्थित कार्यालय और उनके आवासीय परिसरों में एक साथ छापेमारी शुरू की। छापेमारी के दौरान SVU की टीम उनके दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रेड में पंकज कुमार के ठिकानों से कई अहम दस्तावेज जब्त किये गए हैं। कागजातोंं की जांच की जारी रही है और अनुमान है कि अवैध संपत्ति के बारे में और भी जानकारी सामने आ सकती है।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंकज कुमार ने यह संपत्ति किन-किन तरीकों से अर्जित की और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका है। साथ ही उनके बैंक लेनदेन और संपत्ति के स्रोत की भी जांच की जा रही है। फिलहाल SVU की टीम छापेमारी और दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी है और पूरे मामले की गहन छानबीन चल रही है। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत इस छापेमारी को एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।