पटना/जहानाबाद। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, बिहार सरकार के कला-संस्कृति विभाग एवं साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था “शब्दवीणा” के संयुक्त तत्वावधान में जहानाबाद जिले के मखदुमपुर स्थित गांधी मैदान में आयोजित 13वें पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रयास नाट्य मेले के अंतर्गत भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।
18 से 22 फरवरी तक आयोजित इस नाट्य मेले में राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था “शब्दवीणा” की बिहार प्रदेश समिति और जिला समिति के संयुक्त प्रयास से कवि सम्मेलन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संयोजन शब्दवीणा की संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी, जिला संरक्षक वरिष्ठ कवि दीपक कुमार तथा बिहार प्रदेश साहित्य मंत्री एवं जिला अध्यक्ष ललित शंकर पाठक सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि दीपक कुमार ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर काव्य संध्या का औपचारिक आगाज किया। इस अवसर पर मेले की स्मारिका का सामूहिक विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के पौत्र कवि अरविंद कुमार सिंह दिनकर ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, कला-संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं शब्दवीणा संस्था का यह प्रयास प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यिक आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि समाज में शिक्षा और साहित्य के प्रति रुचि बढ़े।
कार्यक्रम में एडीएम अनिल कुमार सिन्हा ने आमंत्रित रचनाकारों को शब्दवीणा संस्था की ओर से अंगवस्त्र एवं गुलाब पुष्प भेंटकर सम्मानित किया। प्रतिभागी कवियों को प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए गए। कवि सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से आए कवियों—अरुण हरलीवाल, अरविंद दिनकर, जैनेन्द्र कुमार मालवीय, डॉ. आरती कुमारी सहित अन्य रचनाकारों ने बसंत, होली, राजनीति, कूटनीति, प्रेम, प्रकृति, देशभक्ति और महिला सशक्तीकरण जैसे समसामयिक विषयों पर गीत, ग़ज़ल, दोहे, मुक्तक एवं ओजपूर्ण कविताओं की प्रस्तुति दी। कवियों की प्रभावशाली रचनाओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया और सभागार तालियों से गूंज उठा।
प्रो. डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी ने शब्दवीणा के मंच से सभी रचनाकारों का अभिनंदन करते हुए बताया कि संस्था की प्रदेश समितियां बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में सक्रिय हैं तथा ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन कर रही हैं। उन्होंने बसंत और होली पर आधारित अपने गीतों की सुमधुर प्रस्तुति देकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मीनाक्षी मीनल ने किया। आयोजन ने क्षेत्र में साहित्यिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट