नवादा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश के आलोक में, विद्वान प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिले के अकबरपुर प्रखंड बकसंडा पंचायत भवन परिसर में NALSA (Legal Services to the Workers in the Unorganized Sector) Scheme-2015 पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री अमन जैन तथा पी०एल०वी० श्री रवि रंजन ने बकसंडा ग्राम पंचायत के आमजन एवं अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति में किया। अपने संबोधन में डिफेंस काउंसिल के सदस्य श्री अमन जैन ने कहा कि वर्तमान समय में आम लोगों के बीच कानून की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु ऐसे शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है। कानून की जानकारी के अभाव में लोग परेशान होते हैं तथा उनका भयादोहन किया जाता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करें और उन्हें शोषण से बचाने में सहयोग दें।
श्री अमन जैन एवं श्री रवि रंजन ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में वे सभी प्रतिष्ठान/इकाइयाँ शामिल होती हैं जो संगठित क्षेत्र के बाहर हैं तथा जिनके लिए रोजगार की शर्तें एवं नियम कानून द्वारा नियंत्रित नहीं होते। यहाँ श्रमिकों को सामान्यतः पेंशन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि या चिकित्सा सुरक्षा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होतीं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सुरक्षा एवं लाभ प्रदान करने हेतु कई पहल की गई हैं, जैसे—ई-श्रम पोर्टल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, लेबर कार्ड योजनाएँ तथा अंतर्राज्यीय प्रवासी पारिश्रमिक अधिनियम, 1979, जो प्रवासी मजदूरों के शोषण को कम करने एवं उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
मध्यस्थता के प्रचार-प्रसार हेतु बैठक आयोजित
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय Mediation 2.0 “For the Nation” अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों को मध्यस्थता के माध्यम से सरल एवं सुलभ समाधान उपलब्ध कराना है। यह अभियान न्यायालय की जटिल प्रक्रिया के स्थान पर संवाद एवं सहमति से समाधान को प्राथमिकता देता है, जिससे लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा संभव हो सके। पक्षकार ऑनलाइन, ऑफलाइन तथा हाइब्रिड मोड में उपस्थित होकर आपसी संवाद से मामलों का समाधान करा सकते हैं।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्री धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि यह अभियान उन मामलों को कवर करता है जिनमें समझौते की संभावना अधिक होती है। इसमें परिवार वाद, क्लेम वाद, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, उपभोक्ता विवाद, सुलहनीय आपराधिक मुकदमे, बंटवारा सूट, मकान मालिक-किरायेदार विवाद, भूमि अधिग्रहण सहित विभिन्न मामलों का निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से किया जाएगा। प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि जुलाई माह में मामलों की पहचान कर पक्षकारों को सूचना दी जाएगी तथा मामलों को मध्यस्थों को सौंपा जाएगा, जहाँ मध्यस्थ अधिवक्ता पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर मामलों का निपटारा कराएंगे।
भईया जी की रिपोर्ट