पटना/गया : बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के ‘ऑन-स्पॉट’ एक्शन का बड़ा असर हुआ है। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए विभाग ने गया जिले के आमस अंचल के अंचल अधिकारी (CO) अरशद मदनी को तत्काल प्रभाव से फील्ड से हटाकर मुख्यालय (भू-अभिलेख निदेशालय) अटैच कर दिया है।
दरअसल, यह पूरी कार्रवाई भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान मिली एक सीधी शिकायत के आधार पर हुई है। संवाद कार्यक्रम में एक आवेदक ने डिप्टी सीएम के सामने ही साहस दिखाते हुए आरोप लगाया कि बिल्टी मामले में आदेश के बावजूद उनसे 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई। आरोप के अनुसार, यह राशि सीओ ने सीधे न लेकर अपने सरकारी अंगरक्षक के माध्यम से ली।
शिकायत सुनते ही उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि गया कि आरोपी बॉडीगार्ड को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया जाए। और साथ ही उहोंने पूरे मामले की जांच विजिलेंस (निगरानी विभाग) से कराने के निर्देश दिए। विभाग ने 25 फरवरी को औपचारिक आदेश जारी कर अरशद मदनी को पद से हटा दिया। अब आमस अंचल का प्रभार कार्यकारी व्यवस्था के तहत दूसरे अधिकारी को सौंपने का निर्देश गया जिलाधिकारी को दिया गया है।
हालांकि, कार्रवाई की जद में आए सीओ अरशद मदनी ने खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि मेरे विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। शिकायतकर्ता का अपना आपराधिक इतिहास है। मैं जांच का स्वागत करता हूँ और इसमें पूरा सहयोग करूँगा। इसके लिए भ्रष्टाचार की लाइव शिकायत। 25 फरवरी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग। निगरानी विभाग मामले की गहराई से जांच करेगा।