बेतिया में आज सोमवार को निगरानी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम चंपारण के जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन को एक लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ धर दबोचा। मत्स्य पदाधिकारी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एक लाभुक
को मिलने वाली सब्सिडी की राशि निर्गत करने के बदले उससे बतौर रिश्वत 1 लाख घूस में ले रहे थे। लाभुक को योजना के तहत 25 लाख की राशि स्वीकृत की गयी थी जिसमें दस लाख की सब्सिडी थी। अनुदान राशि के एवज में दस फीसदी घूस की मांग की गयी थी। लाभुक की शिकायत पर आज जाल बिछाकर निगरानी विभाग की टीम ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
पीएम योजना की सब्सिडी के लिए मांगा घूस
मामला पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड के पखनाहा बाजार निवासी मुराद अनवर से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार मुराद अनवर की मां मत्स्य पालन का कार्य करती हैं। मत्स्य पालन विभाग की ओर से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 25 लाख रुपए की योजना चलाई जाती है। इस योजना में लाभुक को 10 लाख रुपए की सब्सिडी मिलनी है। लाभुक मुराद अनवर की मां को योजना की सब्सिडी राशि जारी करने के एवज में जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन ने एक लाख रिश्वत की मांग की। पीड़ित मुराद अनवर ने इस मामले की लिखित शिकायत निगरानी विभाग से की। शिकायत में उन्होंने कहा कि मत्स्य पदाधिकारी ने सब्सिडी की राशि निर्गत करने के लिए घूस मांगा है और ऐसा नहीं करने पर राशि को लटका देने की बात कही है।
गिरफ्तारी के बाद पटना ले गई टीम
लाभुक की शिकायत मिलने के बाद निगरानी इसका सत्यापन कराया और मामला सही पाए जाने के बाद निगरानी की टीम ने पूरे प्रकरण की गहन जांच की और फिर सोमवार को मत्स्य पदाधिकारी को दबोचने के लिए जाल बिछाया। आज सुबह जैसे ही लाभुक ने मत्स्य पदाधिकारी को एक लाख की रिश्वत दी, निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी के पास से निगरानी टीम ने रिश्वत में लिए रुपए भी जब्त कर लिए। शिकायतकर्ता मुराद अनवर ने बताया कि दस लाख अनुदान में से दस प्रतिशत राशि की मांग जिला पदाधिकारी ने की थी। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम मत्स्य पदाधिकारी को पटना ले गई है।