बिहार विधानसभा के बजट सत्र की आज की कार्यवाही शुरू होते ही पहले एनडीए और फिर विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया। सबसे पहले चिराग पासवान की पार्टी लोजपा आर के विधायक दल नेता राजू तिवारी ने स्वर्गीय रामविलास पासवान पर अभद्र टिप्पणी करने और उनका अपमान करने के लिए राजद से मांफी की मांग की है। इसके बाद लोजपा विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। राजू तिवारी ने कहा कि हमारे दल के संस्थापक राम विलास पासवान के बारे में राजद वालों ने गलत टिप्पणी की। इसलिए यह लोग माफी मांगे। इसके बाद राजद और लोजपा रामविलास के विधायक हंगामा करने लगे। इसपर स्पीकर प्रेम कुमार ने दोनों दलों के विधायकों से शांति बनाए रखने की अपील की लेकिन राजू तिवारी हाथ में पोस्टर लेकर नारेबाजी करने लगे।
इसके बाद किसी तरह प्रश्न काल शुरू हुआ। इसी दौरान विपक्ष के नेताओं ने फिर से नीतीश सरकार को घेरने की कोशिश की। नीट छात्रा मर्डर केस, फुलवारी शरीफ में छात्रा की संदिग्ध मौत समेत अन्य मामलों पर राजद विधायकों ने सरकार पर हमला बोला। वहीं भाजपा नेताओं ने लैंड फॉर जॉब केस को लेकर लालू परिवार तंज कसा। इधर, सदन में आज प्रश्नोत्तर काल के बाद ध्यानाकर्षण सूचनाएं में देवेश कांत सिंह, मंजीत कुमार सिंह समेत पांच विधायकों के सवाल का जवाब कृषि विभाग के मंत्री देंगे। इसके बाद ऊर्जा विभाग के प्रभारी मंत्री कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 395 के तहर साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के वार्षिक प्रतिवेदनों की एक एक प्रति सभा की मेज पर रखेंगे। लंच के बाद स्वास्थ्य, समाज कल्याण, आपदा प्रबंधन, विधि, परिवहन और योजना एवं विकास विभाग के आय-व्ययक में शामिल अनुदानों की मांगों पर वाद विवाद एवं मतदान होगा।
इसबीच खबर है कि आरक्षण की सीमा बढ़ाने को लेकर विपक्षी विधायकों ने सरकार से मांग करते हुए वेल में आकर प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। जिसपर स्पीकर ने पहले उन्हें समझाने की कोशिश की और फिर जब वे न माने तो सदन की कार्यवाही को दिन के 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। दरअलस, आज राजद के विधायक रणविजय साहू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए यहां तक कह दिया है कि नीतीश कुमार को पीएम बनना चाहिए और पूरा विपक्ष उनके साथ है। इसके बाद पूरे सदन में हलचल तेज हो गई। इसके बाद कुछ प्रश्नों के जावाब सरकार की तरफ से दिये गए पुरंतु हंगामा भी होता रहा। इसीबीच विपक्षी सदस्य आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर सदन के वेल में आ गए और प्रदर्शन करने लगे जिसके बाद सदन की कार्यवाही रोक दी गई।