मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर बिहार में सड़क से सदन तक विपक्षी नेताओं ने मोरचा खोल दिया और इसके लिए सीएम से माफी मांगने को कहा। विधान मंडल के दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा करते हुए सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफ की मांग कर दी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, विधान परिषद में पूर्व सीएम राबड़ी देवी के साथ तमाम राजद नेताओं ने हाथ में बैनर लेकर प्रदर्शन किया। राबड़ी देवी ने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के लिए यह अपमान वाला वाकया है। पीएम नरेंद्र मोदी के लाडले मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान का अपमान किया है।
तेजस्वी का हमला, विधानमंडल 2 बजे तक स्थगित
इधर विपक्ष के प्रदर्शन को देखते हुए दोनों सदनों विधानसभा और विधान परिषद को दिन के दो बजे तक स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कहा कि उन्होंने कल खेल मैदान में राष्ट्रगान के समय जो हरकत की है, उससे देश का अपमान हुआ है। इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।तेजस्वी यादव ने कहा कि चाचा जी आपको याद दिला दें कि आप एक बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री है। चंद सेकंड के लिए भी आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्थिर नहीं है और आपका इस तरह अचेत अवस्था में इस पद पर बने रहना प्रदेश के लिए अति चिंताजनक बात है। बिहार को बार-बार यूं अपमानित मत कीजिए। भारत माता की जय करने वाले भारतीय जनता पार्टी के दोनों डिप्टी सीएम गायब हैं। कल हम सब का सिर झुक गया है। इंडिया की राजनीति में पहली ऐसी घटना है,जहां राष्ट्रगान का अपमान हुआ है। पीएम मोदी ने अब तक इस मामले में कुछ भी नहीं कहा।
रिटायरमेंट ले लें नीतीश कुमार : राबड़ी देवी
वहीं, विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी इसे लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कल मुख्यमंत्री का राष्ट्रगान के समय एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री जिस तरह से हाथों को हिला रहे हैं, यह राष्ट्रगान का अपमान है। राबड़ी देवी ने कहा कि राष्ट्रगान करने वाले मुख्यमंत्री को फौरन रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। राष्ट्रगान का अपमान करने वाले को तीन साल की सजा होती है। पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि अगर उनका दिमाग काम नहीं कर रहा तो वे अपने बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बना दें। राबड़ी देवी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘सदन के अंदर विपक्ष को सत्ता पक्ष के लोग बोलने नहीं देते हैं और सरकार भी नहीं मान रही है कि सदन के अंदर विपक्ष है। बिहार में इतनी घटनाएं घट रही हैं, हत्या हो रही है, अपहरण हो रहा है, लूट हो रही है, रेप की घटनाएं हो रही हैं। सदन के अंदर जब हम लोग सवाल उठाते हैं तो सत्ता पक्ष द्वारा सवाल को उठाने नहीं दिया जाता है।