राजधानी पटना में आज बुधवार को शिक्षक भर्ती की TRE-4 परीक्षा का विज्ञापन निकालने और यूजीसी के नए नियमों को कैंपस में लागू करने की मांग को लेकर अलग—अलग छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में स्टूडेन्ट सड़क पर उतरे। इस दौरान छात्रों की पुलिस से झड़प भी हो गई जिस दौरान 7 छात्रों को हिरासत में लिया गया। एक तरफ जहां एसएफआई और आईसा जैसे वाम छात्र संगठनों के बैनर तले विद्यार्थियों ने यूजीसी नियमों को लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और मार्च निकाला। वहीं दूसरी तरफ आज बिहार में शिक्षक बनने का सपना देखने वाले हजारों उम्मीदवारों ने आज पटना कॉलेज से विरोध मार्च निकाला। शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता के बीच राजधानी पटना में जुटे छात्रों ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
पटना कॉलेज से शुरू हुआ छात्रों का मार्च
TRE-4 की शिक्षक भर्ती का विज्ञापन अविलंब निकालने की मांग कर रहे छात्रों का विरोध मार्च पटना कॉलेज परिसर से शुरू हुआ और BPSC मुख्यालय की ओर बढ़ा। इसमें बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों ने भी हिस्सा लिया। हाथों में पोस्टर और तिरंगा थामे छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में, उम्मीदवारों ने आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पोस्टर और बैनर थामे छात्रों को ‘नीतीश कुमार के सम्मान में, बिहार के छात्र और युवा मैदान में’, ‘हमें हमारे अधिकार दो’ और ‘नीतीश के सम्मान में, बिहार की बेटियां मैदान में’ जैसे नारे लगाते देखा गया। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह से व्यवस्थित लग रहा था और छात्र अपने भविष्य को लेकर बेहद गंभीर दिखाई दे रहे थे।
छात्र नेता दिलीप ने नीतीश पर क्या कहा?
छात्र नेता दिलीप ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के दौरान सार्वजनिक मंचों से शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के संबंध में बार-बार आश्वासन दे रहे हैं। शिक्षा विभाग ने भी रिक्तियों की सूची भेज दी है, लेकिन इसके बावजूद, BPSC के कुछ अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं और आधिकारिक अधिसूचना जारी करने में देरी कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना और उनका अपमान है। दिलीप ने आगे कहा कि इस देरी से मुख्यमंत्री की सार्वजनिक छवि भी धूमिल हो रही है और छात्रों का भरोसा टूट रहा है। विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आयोग और सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं।
TRE-4 छात्रों की सरकार से 3 बड़ी मांग
छात्रों का कहना है कि अभी चर्चा केवल 46,000 से ज़्यादा खाली पदों पर भर्ती की हो रही है, जबकि छात्र मांग कर रहे हैं कि इस संख्या को बढ़ाकर 120,000 पद किया जाए। दूसरी डिमांड परीक्षा की तारीखों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी हेतु एक स्पष्ट और आधिकारिक कैलेंडर तुरंत जारी की है। जबकि तीसरी मांग काउंसलिंग प्रक्रिया परिणाम घोषित होने से पहले ही शुरू करने की है ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत काम की गुंजाइश न रहे। विदित हो कि छात्रों ने आयोग को BPSC भर्ती के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के लिए 17 मार्च की रात तक का समय दिया था। जब कल रात तक कोई जानकारी नहीं मिली, तो आज सुबह हजारों छात्र पटना कॉलेज में जमा हो गए और सड़क पर उतर गए। उम्मीदवारों का कहना है कि वे पिछले दो सालों से इस भर्ती अभियान का इंतजार कर रहे हैं और अब वे केवल कोरे आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे।
पुलिस के साथ झड़प, 7 छात्र हिरासत में
टीआरई 4 भर्ती की डिमांड कर रही छात्रों की भीड़ पटना कॉलेज से बाहर निकली, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इससे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुईं। हालांकि प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उधर वाम छात्र संगठनों के यूजीसी नियमों को लागू करने के समर्थन में निकाली गई रैली में भी छात्रों की पुलिस के साथ थोड़ी झड़प की खबर है। इस दौरान छात्रों की पुलिस के साथ झड़प के इस दौरान 7 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी नियम लागू कराने की मांग कर रहे छात्र-छात्राओं ने सरकार से इसे अविलंब लागू करने की डिमांड की है। हिरासत में लिए गए छात्रों में अमर पासवान, गौतम आनंद, सुबोध कुमार, अंबुज पटेल, दीपक और प्रेम शामिल हैं।