सहरसा में बीती देर रात एक थार गाड़ी में सवार युवक पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर बदमाशों ने उसे सरेआम मार डाला। थार गाड़ी चला रहे युवक के शरीर में करीब 12 गोलियां दागी गईं जिससे उसकी मौके पर ही गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठे—बैठे मौत हो गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड को सहरसा सदर थाना क्षेत्र के मीरा टॉकीज के पास बीच सड़क अंजाम दिया गया। दो बाइक पर सवार 5 बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की जिससे वहां भगदड़ मच गई। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और जांच स्टार्ट किया। घटनास्थल पर एफएसएल, डॉग स्क्वायड और डीआईयू की टीम ने भी सबूत इकट्ठा करने के लिए वारदात स्थल का निरीक्षण किया। मृत युवक की पहचान सदर थाना क्षेत्र निवासी सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा (29) के रूप में की गई है।
जानकारी के अनुसार घटना के वक्त गाड़ी में मौजूद मृतक के तीन दोस्त पुलिस के पहुंचते ही मौके से फरार हो गए। मृतक के परिजनों ने इस हत्याकांड के बाद उनकी फरारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बताया जाता है कि मृतक सतीश के पिता आर्मी से रिटायर्ड हैं और वह दो भाइयों में सबसे छोटा था। घटना देर रात करीब 10:30 बजे की है। सतीश कुमार अपनी थार गाड़ी से मीरा टॉकीज सिनेमा रोड के रास्ते घर लौट रहा था। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार करीब पांच बदमाशों ने उसकी गाड़ी को घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने सतीश की आंख, माथे, गले, छाती और पीठ को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सतीश के साथ थार में उसके तीन दोस्त भी मौजूद थे, जिनकी पहचान रोशन कुमार सिंह, सुमित कुमार सिंह और गांधी कुमार यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद इन्हीं लोगों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही तीनों वहां से फरार हो गए।
मृतक के बड़े भाई आशीष कुमार ने बताया कि उनका भाई शाम में करीब 6 बजे घर से नाश्ता कर थार गाड़ी से निकला था। रात के 10 बजे के आसपास प्रेम नामक एक युवक ने सूचना दी कि भाई को गोली लगी है। वह अपने घायल भाई को लेकर शहर के सूर्या क्लीनिक पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने फरार हुए तीनों दोस्तों की भूमिका पर शक जताया जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। पुलिस ने मौके से 9 एमएम के 7 खोखे, 5 अन्य एमएम के खोखे और 3 पिकेट सहित कुल 15 खोखे बरामद किए गए हैं। साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश का प्रतीत हो रहा है।