नीतीश सरकार ने राज्य में वीआईपी सुरक्षा की समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत अब सुरक्षा एजेंसियों के नए थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर कई नेताओं की सुरक्षा श्रेणी बदली गई है। जहां BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा को घटा कर Z से घटाकर Y श्रेणी की कर दी गई है। लेकिन सरकार के इस फैसले पर बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी RJD पूरी तरह भड़क उठी है। RJD के प्रवक्ता एजाज अहमद ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कथित कटौती पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे NDA सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जानबूझकर की गई कोशिश बताया।
“सत्ताधारी पार्टी के नेताओं में बेचैनी”
राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि जिस तरह से NDA सरकार काम कर रही है, वह अलोकतांत्रिक मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम विपक्ष के आंदोलन और विरोध कार्यक्रमों को शुरू करने से पहले ही उसे कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है। तेजस्वी यादव की सुरक्षा कम करना सरकार की घबराहट और बेचैनी को साफ दिखाता है। RJD प्रवक्ता ने कथित सुरक्षा में कटौती को पटना में NEET अभ्यर्थी की मौत के मामले को लेकर चल रही राजनीतिक गहमागहमी से भी जोड़ा, और दावा किया कि सरकार जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। तेजस्वी यादव लगातार अहम सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार को लगातार जवाबदेह ठहरा रहे हैं। इससे सत्ताधारी पार्टी के नेताओं में बेचैनी पैदा हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार इसलिए बेचैन है क्योंकि तेजस्वी यादव बिहार में रोजगार, विकास, महिलाओं की सुरक्षा, अपराध और हत्याओं पर सवाल उठाते हैं। एजाज अहमद ने सवाल उठाया कि BJP और JDU नेताओं को Z-प्लस सुरक्षा क्यों दी जा रही है, जबकि विपक्ष के नेता की सुरक्षा Y+ कर दी गई है?
ललन समेत इन नेताओं की सुरक्षा बढ़ी
विदित हो कि राज्य सरकार ने कई प्रमुख BJP और जदयू नेताओं और मंत्रियों को ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा दी है। इसमें नितिन नवीन, मंगल पांडे, BJP प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय सरावगी और जदयू से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शामिल हैं। ‘Z’ श्रेणी के तहत, सुरक्षा के लिए कमांडो और पुलिस कर्मियों का एक बड़ा दल तैनात किया जाता है। इस बीच, पूर्व उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को ‘Y+’ श्रेणी की सुरक्षा में रखा गया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को भी ‘Y+’ कैटेगरी दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि ये बदलाव सिक्योरिटी ऑडिट और मौजूदा खतरे के आकलन के आधार पर किए गए हैं।