विजिलेंस की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बीते दिन कैमूर में बड़ी कार्रवाई करते हुए किसानों से 20 हजार की घूस लेते भूमि संरक्षण-सह-परियोजना क्रियान्वयन यूनिट के दो अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दोनों अफसरों में रविशंकर राम, सहायक निदेशक एवं अंजनी कुमार, अभियंत्रण विशेषज्ञ शामिल हैं। दोनों ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किए गए कार्यों के लिए किसानों के बकाया बिल भुगतान के लिए उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत की डिमांड की थी। इसी डिमांड के तहत रिश्वत की राशि लेते ही विशेष निगरानी यूनिट की टीम ने उन्हें धर दबोचा और गिरफ्तार कर अपने साथ पटना लेकर चली गई।
जानकारी के अुनसार कैमूर जिले के अघौरा थानांतर्गत गम्हरिया गांव निवासी किसान उमेश कुमार और इसी थाना क्षेत्र के कलहुंआ गांव के रहने वाले दूसरे किसान अरविंद कुमार ने विशेष निगरानी इकाई पटना में इन अफसरों के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी अधिकारियों ने किसानों को धमकाया था कि 20 हजार रुपये नहीं दिए तो उन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किए गए कार्या के लिए बकाया राशि नहीं मिलेगी। शिकायतों के सत्यापन के बाद SVU ने इन भ्रष्ट पदाधिकारियों को दबोचने के लिए ट्रैप लगाया।
बीते दिन जैसे ही रविशंकर राम नाम के अफसर ने किसान से रिश्वत की राशि थामी, उसे निगरानी टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अब उन्हें विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई के एसपी चंद्रभूषण के नेतृत्व में टीम ने की। बता दे कि यह पहली बार नहीं है जब भूमि संरक्षण विभाग में घूसखोरी का मामला प्रकाश में आया है। बिहार में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने को लेकर सम्बंधित अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा लाभुक से कमीशन के बाद ही लाभ देने के कई मामले विभिन्न जिलों में आम मंजर हैं।