– प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने परिजनों से मिलकर व्यक्त की शोक संवेदना
सीवान : जिला विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष सह वरीय अधिवक्ता सुभाषकर पाण्डेय के गत दिवस हुए निधन के उपरांत परंपरा के अनुसार बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से स्वयं को अलग रखा। इस अवसर पर जिला विधिज्ञ संघ भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
शोक सभा की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष शंभू दत्त शुक्ला तथा संचालन महासचिव नवेंदु शेखर दीपक ने किया। अपने संबोधन में अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि स्व. सुभाषकर पाण्डेय ने अपने अधिवक्ता पिता द्वारा स्थापित वकालत के उच्च आदर्शों को पूरी निष्ठा से निभाया और एक आदर्श अधिवक्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई, जिससे हम सभी को सीख लेनी चाहिए। महासचिव नवेंदु शेखर दीपक ने भावुक होते हुए वकालत के प्रारंभिक दिनों में स्व. पाण्डेय द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को याद किया और कहा कि उनके व्यावसायिक व नैतिक आदर्शों का अनुकरण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शोक सभा में उनके अभिन्न मित्र एवं जिला विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता ब्रजमोहन रस्तोगी ने कहा कि स्व. पाण्डेय केवल एक अधिवक्ता नहीं, बल्कि एक संस्था के समान थे। उनका जुड़ाव सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं जनोपयोगी विषयों से था और वे हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते थे। इसके अतिरिक्त वरीय अधिवक्ता पाण्डेय रामेश्वरी प्रसाद, उनके सहपाठी अधिवक्ता दुर्गा प्रसाद सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। तत्पश्चात दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।
इसी क्रम में एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह के नेतृत्व में जिला न्यायाधीशों का एक प्रतिनिधिमंडल स्व. सुभाषकर पाण्डेय के आवास पर पहुंचा और उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल में एडीजे-1 एस. के. त्रिपाठी, एडीजे संतोष कुमार सिंह, एडीजे राकेश कुमार पाण्डेय सहित जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शंभू दत्त शुक्ला, सचिव नवेंदु शेखर दीपक, वरीय अधिवक्ता ब्रजमोहन रस्तोगी सहित अन्य लोग शामिल थे।