बिहार की नीतीश—2.0 सरकार में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी बीती देर शाम तब फिर दिखी जब सिवान में एक पत्रकार को सरेआम गोली मार दी गई। जानकारी के अनुसार यहां देर शाम एक शादी समारोह से लौटते समय बेखौफ अपराधियों ने एक पत्रकार को गोली मार दी। गंभीर रूप से जख्मी पत्रकार हिन्दुस्तान समाचार पत्र से जुड़ा बताया जाता है और उसे स्थानीय अस्पताल ले जाने के बाद वहां से पटना रेफर किये जाने की सूचना है। पुलिस ने बताया कि घटना सिवान के पचरुखी थाना क्षेत्र के भवानी मोड़ के पास घटी। इस कांड की खबर जैसे ही लोगों को हुई, उनके जेहन में सल 2016 का सिवान में ही हुई पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड की याद ताजा हो गई।
पचरुखी थाना क्षेत्र में हमला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोलीबारी की इस घटना में पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली गांव निवासी पत्रकार रमेश कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गोलीबारी के बाद स्थानीय लोग सड़क पर पड़े जख्मी पत्रकार को इलाज के लिए तुरंत सिवान सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पत्रकार की गंभीर हालत को देखते हुए उनको बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। बताया जाता है कि बीती देर शाम पत्रकार रमेश कुमार सिंह एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए पकड़ी बंगाली स्थित एक मैरिज हॉल पहुंचे थे। वहां से वह वापस घर लौट ही रहे थे कि रास्ते में पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया।
लोगों ने बताया कि तड़ा—तड़ की गई फायरिंग में गोली लगते ही पत्रकार रमेश घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद स्थनीय लोग उनको तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। घटना की सूचना पुलिस और जिले के एसपी को दी गई। जानकारी मिलते ही एसपी पूरन कुमार झा, सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और घटना की पूरी जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान की जा रही है और उन्हें शीघ्र ही दबोच लिया जाएगा। बिहार में पत्रकार को गोली मारे जाने की ये कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले सिवान में ही दैनिक हिंदुस्तान के पत्रकार राजदेव रंजन की 13 मई, 2016 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में आरजेडी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को आरोपी बनाया गया था।