देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के अवसर पर कांवड़िया पथ के निरीक्षण के दौरान बिहार विधान सभा के अध्यक्ष एवं अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिलेविया मोड़ के समीप महासभा की ओर से लगाए गए तीन सेवा शिविरों का उद्घाटन किया। इस दौरान चंद्रवंशी समाज के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने ‘बोल बम’ एवं ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ उनका स्वागत किया।
सेवा शिविर के उद्घाटन के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने स्वयं कांवड़ियों की सेवा करते हुए उनके बीच फल और शीतल पेयजल वितरित किया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल आस्था और भक्ति का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, सहयोग और सामाजिक एकता का भी महापर्व है। देश के विभिन्न हिस्सों से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आने वाले शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा करना भगवान शिव की सेवा के समान पुण्य का कार्य है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘सेवा परमो धर्मः’ की भावना को विशेष महत्व दिया गया है। चंद्रवंशी समाज द्वारा लगाए गए सेवा शिविर श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ समाज की सेवा भावना और सामाजिक दायित्व का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने महासभा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई दी। इससे पूर्व डॉ. प्रेम कुमार ने अपनी धर्मपत्नी एवं सहयोगियों के साथ बैद्यनाथ धाम स्थित बाबा भोलेनाथ के मंदिर में पूजा-अर्चना कर बिहार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी की ओर बढ़ने वाले कांवड़ियों की यात्रा श्रद्धा, संकल्प, संयम और तपस्या से परिपूर्ण होती है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को पेयजल, फल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है। सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से इन व्यवस्थाओं को और मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं और समाज के लोगों ने बाबा बैद्यनाथ से बिहार एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।