बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता पुनरीक्षण मामले में आज गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया कि वह 5 दिनों के भीतर वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की लिस्ट जारी करे। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया कि बिहार वोटर लिस्ट रिवीजन के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में जिन 65 लाख लोगों का नाम काटा गया है, उसे मंगलवार तक जिला स्तर पर जारी करे। नाम के आगे डिलीट करने का कारण भी बताना होगा।
वोटर लिस्ट रिवीजन यानी एसआईआर का मामला पार्टियों के बीच राजनीतिक ‘संग्राम’ की वजह बना हुआ है। विपक्षी दल चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वहीं इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज तीसरे दिन भी सुनवाई हुई जिसके बाद अदालत ने यह आदेश जारी किया।
आज सुनवाई के शुरू होते ही जस्टिस बागची और जस्टिस कांत ने चुनाव आयोग से कई अहम सवाल पूछे। इसके बाद
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वो मंगलवार तक बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख लोगों का ब्यौरा वेबसाइट पर डाले। इसके अलावा उन नामों के हटाए जाने का कारण-मौत, प्रवास या दोहराव-ये भी बताए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बूथ स्तर के अधिकारी भी हटाए गए मतदाताओं की सूची प्रदर्शित करेंगे।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में भी यह प्रक्रिया शुरू होगी। वहां के राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही इसके बारे में कह दिया है। बिहार में “नॉन- इंन्कलूजन” जैसे मनमोहक शब्द के ज़रिए 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। मनमाने ढंग से और बिना किसी उचित प्रक्रिया के लाखों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर दिया जाएगा। मतदाता सूची संशोधन के लिए अनुचित रूप से कम समय सीमा है। कोई उचित उपाय नहीं, कोई नोटिस नहीं, कोई सुनवाई नहीं।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए मतदाताओं की सूची प्रकाशित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। कोर्ट ने कहा कि हम नहीं चाहते कि नागरिकों का अधिकार पार्टी कार्यकर्ताओं पर निर्भर रहे। अगर 22 लाख लोग मृत पाए गए हैं, तो उनके नाम क्यों नहीं बताए गए? इसे डिस्प्ले बोर्ड पर क्यों नहीं लगाया गया या वेबसाइट पर क्यों नहीं अपलोड किया जा सकता? हटाए गए नामों की पहचान और हटाने के कारणों की सूची क्यों नहीं जारी हो सकती। कोर्ट ने कहा कि अगर आप सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करते हैं तो नैरेटिव गायब हो जाएंगे।