पटना: नागरिकों के संकल्प से ही भारत का गणतंत्र मजबूत होगा तथा एक सशक्त राष्ट्र के रूप में जो हमारी पहचान बन रही है, भविष्य में वह पहचान और भी ठोस होगी। उक्त बातें प्रख्यात स्त्रीरोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. शांति राय ने कहीं। वे सोमवार को बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह को ध्वजारोहण के बाद संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से देश समृद्ध होता है और इस मामले में देखें, तो बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ पिछले 70 वर्षों से मूल्यनिष्ठ शिक्षा का प्रसार कर रहा है। यह सच्ची देश सेवा है।
इस अवसर पर श्रीराम कर्मभूमि न्यास के अध्यक्ष कृष्णकांत ओझा ने कहा कि 1947 में हमें राजनीतिक आजादी मिल गई और उसके दो वर्षों बाद अपना संविधान भी लागू हो गया। लेकिन, अभी भी हमलोग अंग्रेजों द्वारा दी हुई औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रस्त हैं और इस कारण गणतंत्र अपने आदर्श रूप को प्राप्त नहीं कर पाया है। पटना विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजय सागर ने कहा कि हम देश के लिए कैसा भविष्य बना पाएंगे, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपने इतिहास की ओर किस दृष्टि से देखते हैं। विद्यापीठ के शिक्षक रहे वयोवृद्ध गिरिजा शंकर शर्मा ने संस्था के शिक्षा संबंधी अवदानों का उल्लेख किया। पूर्व प्राचार्य बच्चू शर्मा ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति से सिक्त विद्यालयी शिक्षा पर जोर दिया। पटना उच्च न्यायालय की अधिवक्ता शिवम प्रेरणा ने “आओ बच्चों तुम्हें दिखाऊं झांकी हिंदुस्तान की” और “ऐ मेरे वतन के लोगों” जैसे गीतों के माध्यम से समारोह को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
शिक्षाविद् श्यामनंदन प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया, वहीं प्रशांत रंजन ने मंच संचालन किया। गणतंत्र दिवस समारोह में विद्यापीठ के शिक्षक, सदस्य, समाज के विभिन्न क्षेत्रों के बुद्धिजीवी और स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।