पटना : बिहार विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था का नया रोडमैप पेश किया। उन्होंने जहाँ एक ओर राजद को ‘ट्वीट वाली पार्टी’ बताकर तंज कसा, वहीं दूसरी ओर बिहार को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त घोषित करते हुए पुलिस बल में 31,000 नई नियुक्तियों और हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब केवल कानून का राज नहीं, बल्कि जनता को त्वरित न्याय दिलाना भी है।
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य में शासन का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ही होता है और सरकार भ्रष्टाचार व अपराध पर पूरी तरह सख्त है। उन्होंने बताया कि अपराधियों की नियमित गिरफ्तारी के साथ-साथ राज्य भर के थानों की मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सिस्टम (CMS) स्थापित किया गया है। प्रदेश के 968 थानों को ऑनलाइन CCTV नेटवर्क से जोड़ दिया गया है, जबकि 343 अन्य थानों में सुधार जारी है।
पुलिस बल के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें 27,000 सिपाहियों के लिए 618 भवन और महिला सिपाहियों के लिए 1,279 यूनिट्स का निर्माण शामिल है। उपमुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि बिहार अब पूरी तरह नक्सलवाद-मुक्त हो चुका है। उग्रवाद के खिलाफ सफलता का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा, हाल ही में उग्रवादियों से 2,722 कारतूस, 174 डेटोनेटर और 135 बम बरामद किए गए हैं। साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन के लिए अब हर जिले में फोरेंसिक लैब की स्थापना की गई है, ताकि घटना के तुरंत बाद टीम मौके पर पहुँच सके।
वहीं, उन्होंने बेरोजगारी और सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए रोजगार के बड़े आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में जल्द ही 31,000 नई भर्तियां की जाएंगी। 15,000 होमगार्डों का चयन किया गया है, जिनमें से 11,438 का नामांकन पूरा हो चुका है। वर्ष 2026-27 में और भी भर्तियां प्रस्तावित हैं। औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए दो नई बटालियन गठित की जा रही हैं।
बदलते दौर के अपराधों से निपटने के लिए सरकार ने 24×7 साइबर अपराध मॉनिटरिंग शुरू की है, जो नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से जुड़ी है। इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित जनता दरबार लगाएं ताकि आम नागरिक की शिकायतों का मौके पर निपटारा हो सके। “बिहार का आर्थिक और सामाजिक विकास तभी संभव है जब राज्य सुरक्षित हो। हम अगले पांच वर्षों में ऐसी व्यवस्था स्थापित करेंगे जहां सड़क, बिजली और उद्योग के साथ-साथ कानून का राज पूरी तरह सुदृढ़ होगा।”