बिहार में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में अब सबकुछ ठीक होने की बात कही जा रही है। इसके लिए पार्टी संगठन को मजबूत करने हेतु बड़ा बदलाव किया जा सकता है। इसको लेकर आज रालोमो चीफ उपेंद्र कुशवाहा आज शुक्रवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक दिनारा से विधायक आलोक सिंह को RLM का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। मालूम हो कि जब से कुशवाहा ने अपने पुत्र को बिना चुनाव लड़े सीधे नीतीश सरकार में अपनी पार्टी के कोटे से मंत्री बनवाया, तभी से उनकी पार्टी रालोमो में बगावत के सुर बुलंद होने लगे। यहां तक कि पार्टी के टूटने का भी खतरा बन गया। लेकिन अब संभवत: कुशवाहा की अपने नाराज विधायकों माधव आनंद और आलोक सिंह से मुलाकात के बाद सब कुछ ठीक होने की बात कही जा रही है।
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में खत्म हुई नाराजगी
खबर है कि रालोमो के विधायक माधव आनंद और आलोक सिंह ने उपेन्द्र कुशवाहा से मुलाकात कर सहमति बनाई। पार्टी अब संगठन में बदलाव कर विधायकों की नाराजगी दूर करने और शाहाबाद क्षेत्र में जातीय संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। इसका आज उपेंद्र कुशवाहा की पीसी में ऐलान हो सकता है। स्पष्ट है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) यानी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में अब विधायकों की नाराजगी खत्म होने की तरफ यह एक कदम की तरह है। इसके तहत संगठन को मजबूत कर अंदरूनी सहमति बनाने की कवायद की जाएगी। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दिनारा से विधायक आलोक सिंह को RLM का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस फैसले का औपचारिक ऐलान आज होने की संभावना है।
दिनारा विधायक आलोक सिंह RLM प्रदेश अध्यक्ष
सूत्र बताते हैं कि उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी RLM में पिछले कुछ समय से असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। इसी को खत्म करने और पार्टी को एकजुट रखने के लिए शीर्ष नेतृत्व स्तर पर मंथन चल रहा था। इसी कड़ी में हाल ही में माधव आनंद और आलोक सिंह ने पटना में उपेन्द्र कुशवाहा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही दिनारा विधायक आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सहमति बनी। माधव आनंद पहले से ही विधानसभा में RLM विधायक दल के नेता हैं। जबकि उपेन्द्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता कुशवाहा पार्टी की सचेतक की भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में संगठन और विधानसभा दोनों स्तरों पर संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला केवल संगठनात्मक मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे शाहाबाद इलाके में जातीय समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। उपेन्द्र कुशवाहा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और कुशवाहा समाज से आते हैं, जबकि आलोक सिंह राजपूत जाति से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में कुशवाहा और राजपूत समाज के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में भी इस फैसले को देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने से RLM को बिहार में नई ऊर्जा मिलेगी और संगठन को ज़मीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।