नई दिल्ली/पटना : मोदी सरकार में कभी कद्दावर मंत्री रहे आर.के. सिंह ने अब केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीधी जंग छेड़ दी है। पिछले कुछ समय से हमलावर रुख अपनाए सिंह ने अब अमेरिका के साथ भारत के रिश्तों और अंतरराष्ट्रीय दबाव को लेकर प्रधानमंत्री पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। फेसबुक पर साझा की गई अपनी एक लंबी पोस्ट में उन्होंने न केवल सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए, बल्कि नैतिकता के आधार पर पीएम के इस्तीफे तक की मांग कर दी है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में तीखा प्रहार करते हुए लिखा कि उन्होंने अपनी 50 साल की सेवा के दौरान भारत के अंतरराष्ट्रीय स्तर को इतना नीचे गिरते कभी नहीं देखा। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और तेल खरीद के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरतों के लिए रूस से सस्ता तेल खरीद रहा था, लेकिन अमेरिका के दबाव में आकर सरकार ने घुटने टेक दिए। यूरोप और खुद अमेरिका रूस से व्यापार जारी रखे हुए हैं, लेकिन भारत पर दबाव बनाया गया और भारत ने इसका कड़ा विरोध नहीं किया।
वहीं, उन्होंने टैरिफ (Tariff) के मुद्दे पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाया, तो अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार भारत को भी जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार मौन रही। उन्होंने सवाल पूछा कि 140 करोड़ की आबादी वाले इस महान देश को किसी से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ‘अनुमति’ लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है? क्या हम अमेरिका के गुलाम हो गए हैं? भारत का सिर शर्म से झुक गया है।
सिंह ने कांग्रेस के हवाले से ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि चर्चा है कि इन फाइलों में कुछ बड़े भारतीय नामों के साथ प्रधानमंत्री का भी जिक्र है। क्या इसी कारण से प्रधानमंत्री अमेरिका के सामने ‘ब्लैकमेल’ हो रहे हैं और उनके दबाव में काम कर रहे हैं? यदि इन दावों में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो प्रधानमंत्री को देश को शर्मिंदा करने के बजाय तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। मालूम हो कि आर.के. सिंह एक पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं और मोदी सरकार में ऊर्जा मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।