बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने ई-केवाईसी (e-KYC) की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया है, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। बिहार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। यदि आप इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करते हैं, तो भविष्य में आपका राशन बंद किया जा सकता है।
दरअसल, राज्य में कुल 8 करोड़ 20 लाख राशन कार्ड लाभार्थी हैं, जिनमें से करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी अपडेट नहीं करवाई है। पहले इसकी अंतिम तिथि 15 फरवरी तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 28 फरवरी किया गया और अब इसे आगे बढ़ाते हुए 31 मार्च कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि कई लोग जानकारी की कमी या राज्य से बाहर होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
राज्य के सभी 8.20 करोड़ लाभार्थियों को 31 मार्च तक केवाईसी अपडेट कराना होगा। अब तक लगभग 1.5 करोड़ लोगों ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं कराई है। पिछली डेडलाइन पहले यह तारीख 15 फरवरी और फिर 28 फरवरी तय की गई थी। सरकार ने उन लोगों के लिए बड़ी राहत दी है जो रोजगार या अन्य कारणों से बिहार से बाहर (जैसे दिल्ली, मुंबई आदि) रहते हैं। सरकार का कहना है कि देश के किसी भी राज्य से अपने नजदीकी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकान पर जाकर अंगूठा लगाकर (Biometric) अपनी ई-केवाईसी पूरी करवा सकते हैं।
सरकार फर्जी राशन कार्डों पर भी नकेल कस रही है। अब तक 57 लाख संदिग्ध कार्डधारक चिह्नित किए गए हैं और 33 लाख लोगों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। वैशाली, सीवान, सीतामढ़ी, औरंगाबाद, समस्तीपुर, पूर्वी व पश्चिम चंपारण, दरभंगा और अररिया जिलों में ई-केवाईसी की रफ्तार धीमी है, इसलिए यहाँ के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।