रामनवमी के दिन गंगा नदी और इसकी उपधाराओं में स्नान के दौरान वैशाली और सारण में 10 के करीब लड़कियों और किशोरों के डूब जाने की खबर है। वैशाली के देसरी में गनियारी घाट पर स्नान के दौरान एक ही परिवार की 6 लड़कियां डूब गईं। इनमें से 3 को तो बचा लिया गया लेकिन बाकी 3 नहीं बच पाईं। वहीं वैशाली के ही राघोपुर के जुड़ावनपुर में गांगा स्नान को गईं दो चचेरी बहनें डूब गईं। इसी तरह सारण के मांझी थानांतर्गत घाघरा नदी से कटकर बनी धार में 3 बच्चे डूब गए। अंतिम खबर मिलने तक वैशाली और सारण को मिलाकर अब तक कुल 6 की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 लड़कियां लापता बताईं जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार महनार अनुमंडल के देसरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गनियारी घाट पर रामनवमी के दिन गंगा स्नान करने गए एक ही परिवार के 6 लोग नदी की तेज धारा में बह गए। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इनमें से 3 लड़कियों को तो बचा लिया जबकि बाकी के डूब जाने की आशंका है। चश्मदीदों के अनुसार, स्नान के दौरान अचानक परिवार की एक महिला गहरे पानी में चली गई। उसे डूबता देख बचाने के लिए परिवार के 5 अन्य सदस्य भी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी में उतर गए। लेकिन गंगा की गहराई और पानी के तेज बहाव का अंदाजा न होने के कारण देखते ही देखते सभी पांचों लोग लहरों के बीच संघर्ष करने लगे और डूबने लगे।
घाट पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई और कड़ी मशक्कत के बाद दो महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में एक 16 वर्षीय किशोरी, एक महिला और एक छोटी बच्ची गहरे पानी में लापता हो गई। उधर वैशाली के ही राघोपुर पश्चिम गांव में गंगा स्नान करने गई दो चचेरी बहनें नदी की तेज धार में बह गईं। इनमें राघोपुर पश्चिमी गांव के सुरेंद्र सिंह की पुत्री सत्तो कुमारी की मौत हो गई, जबकि उसकी चचेरी बहन के शव की तलाश की जा रही है। उधर सारण में मांझी थानांतर्गत घाघरा नदी की उपधारा से बने पानी के जमाव को पार कर लकड़ी इकट्ठा करने गए तीन भाई—बहनों की डूबने से मौत होने की खबर है। सभी मृतक आपस में मौसेरे भाई—बहन थे।