पटना विवि छात्रसंघ का चुनाव इसी माह 29 मार्च को कराया जाएगा। लेकिन इससे पहले ही विश्वविद्यालय में छात्रों के अलग—अलग गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक कारनामे शुरू हो गए हैं। आज बुधवार को पटना विवि के दरभंगा हाउस में कुछ उपद्रवी तत्वों ने अपनी धमक दिखाने के लिए बमबाजी की घटना को अंजाम दिया। आशंका जताई जा रही है कि बमबाजी की घटना को छात्रों के एक गुट द्वारा अंजाम दिया गया है। हालांकि इस घटना के पीछे के कारणों पर अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। मौके पर सिटी एएसपी और भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचे हुए हैं। इस बमबाजी में संस्कृत विभागाध्यक्ष लक्ष्मी सिंह के स्कॉर्पियो को निशाना बनाया गया। उनका वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
सीसीटीवी फुटेज में मिले अहम सुराग
इसबीच पुलिस ने पूरे दरभंगा हाउस परिसर की नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी है। वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। खबर है कि सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिले हैंं। फुटेज में एक युवक बम मारते हुए साफ नजर आ रहा है। बम धमाके में संस्कृति विभाग के एचओडी प्रोफेसर लक्ष्मी सिंह की गाड़ी को नुकसान पहुंचा। हालांकि इस हमले के पीछे के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हुआ है।
छात्रसंघ चुनाव में वर्चस्व की लड़ाई!
राहत की बात यह रही कि जिस समय पीजी डिपार्टमेंट संस्कृत विभागाध्यक्ष के वाहन पर बम फेंका गया, उस समय वह उसमें नहीं थे। कहा जा रहा है कि यह हमला उन्हें ही लक्ष्य कर दहशत फैलाने की नीयत से किया गया हो सकता है। विदित हो कि पटना विश्वविद्यालय में दो वर्षों के बाद छात्र संघ चुनाव का आयोजन किया जा रहा है। कुलपति ने जानकारी दी है कि छात्र संघ चुनाव 29 मार्च को संपन्न होगा। चुनाव के लिए नामांकन पत्र 10 मार्च से उपलब्ध होंगे, जिसकी कीमत 50 रुपये निर्धारित की गई है।
इसके साथ ही विवि प्रशासन द्वारा चुनाव के दौरान दीवार पर नारे लिखने की पाबंदी लागू की गई है। चुनाव से पहले दीवारों पर प्रचार सामग्री लिखने पर पाबंदी का यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि चुनाव प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखा जा सके और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।लेकिन इन तमाम पाबंदियों और निर्देशों के बावजूद आज बम विस्फोट की घटना ने विवि प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं।