प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े संवेदनशील मामलों को लीक करने के आरोप में एक युवक को बिहार के बक्सर से गिरफ्तार किया गया है। इस हाई प्रोफाइल मामले में बक्सर एसपी शुभम आर्य ने बताया कि युवक विदेशों में संदिग्ध लोगों और एजेंसियों से संपर्क कर गोपनीय जानकारी के बदले पैसों की मांग कर रहा था। फिलहाल उसे एक गुप्त जगह पर रखकर पुलिस पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार, आरोपी काफी समय से विदेशी एजेंसियों के संपर्क में था और रुपये के डिमांड के साथ अंतराष्ट्रीय एजेंसी को मैसेज भेजा था कि वह पीएम की सुरक्षा को हानि पहुंचा सकता है। यह भी पता चला है कि वह अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से संपर्क कर गोपनीय जानकारी के बदले रुपये की मांग कर रहा था।
विदेशी नेटवर्क और पैसों का लालच
बक्सर SP शुभम आर्य ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी युवक पिछले कुछ समय से इंटरनेट के माध्यम से विदेशों में बैठे संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। वह प्रधानमंत्री और उनके कार्यालय से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारियों को बेचने की कोशिश कर रहा था जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो सकती हैं। बकौल पुलिस आरोपी इन जानकारियों के बदले भारी रकम की मांग कर रहा था। बताया जा रहा है कि इस मामले की भनक सबसे पहले केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को लगी थी। इसकी संदिग्ध डिजिटल एक्टिविटी और विदेशी सर्वर पर डेटा ट्रांसफर के संकेतों के बाद बक्सर पुलिस को अलर्ट किया गया। इसके बाद एसपी शुभम आर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, मोबाइल और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं, जिनकी जांच फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स से कराई जा रही है।
CIA कनेक्शन, हैकिंग का रिकॉर्ड
गिरफ्तार युवक की पहचान अमन तिवारी के रूप में हुई है जो डुमराव अनुमंडल के सिमरी थाना क्षेत्र के आशापड़री गांव का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि पूरे मामले में पूछताछ के लिए अन्य लोगों को भी थाने बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की वेबसाइट पर भी संदेश छोड़ा था। खास बात यह है कि यह युवक पहले भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रह चुका है। साल 2022 में उसे कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की फर्जी धमकी देने और सिस्टम हैक करने के प्रयास में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अमन कुमार किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है या वह अकेले ही इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उसके बैंक खातों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या उसे पहले भी विदेशों से कोई फंडिंग मिली है। पुलिस ने आरोपी के कमरे को सील कर दिया है और उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है।