जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने परिवारवाद को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब नीतीश भी अपने आप को परिवारवाद से नहीं बचा सके और उन्होंने भी वही लालू यादव वाला काम कर लिया है। पीके ने कहा कि अब नीतीश भी लालू के उसी परिवारवाद की राह पर चल पड़े हैं, जिस पर चलने के लिए वे पहले अन्य दलों की आलोचना करते रहे। निशांत कुमार की जदयू में राजनीतिक एंट्री को लेकर उन्होंने इसे मौजूदा समय का सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बताया। प्रशांत किशोर नवादा दौरे के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जीवन भर यह कहते रहे कि उन्होंने अपने परिवार के लिए राजनीति नहीं की। लेकिन अब जब मौका आया तो उन्होंने भी वही किया जो बिहार की अन्य पार्टियों के नेताओं ने किया।
पहली बार गुजरात से चलेगा बिहार
प्रशांत किशोर ने इसे साफ तौर पर नीतीश की परिवारवादी छलावे वाली राजनीति का उदाहरण करार दिया। नवादा में उन्होंने अपने बिहार नवनिर्माण अभियान को लेकर जनसुराज नेताओं के साथ बैठक की जिसमें संगठन को मजबूत करने, पुनर्गठन और आगे की रणनीति पर चर्चा की। बिहार में भाजपा के नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रशांत किशोर ने कहा कि स्वतंत्र भारत में पहली बार ऐसी स्थिति बन रही है जब बिहार को ‘गुजरात से चलाया जाएगा’। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसमें बिहार में उद्योग-धंधे विकसित नहीं होने दिए जाएंगे, ताकि यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करते रहें।
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर बिहार में बड़े पैमाने पर फैक्ट्रियां लगेंगी तो अन्य राज्यों को सस्ते मजदूर नहीं मिल पाएंगे। इसी वजह से ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं जिससे बिहार के युवा 10 से 15 हजार रुपये की नौकरी के लिए पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों में जाते रहे। वहीं नीतीश के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को राजनीति में आने का अधिकार है और इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं दी जानी चाहिए। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नेताओं के परिवार ही राजनीति में आगे बढ़ेंगे और आम लोगों के बच्चे रोजगार के लिए पलायन करते रहेंगे?