पटना : पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के समर्थकों के लिए बड़ी खबर है। शुक्रवार को पटना की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए 1995 के चर्चित मामले सहित कुल तीन मामलों में जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। हाल ही में पटना पुलिस ने पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने केस में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने न केवल 1995 वाले मामले में, बल्कि दो अन्य लंबित मामलों में भी उन्हें जमानत प्रदान की है। सांसद अभी पटना की बेउर जेल में बंद हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही वे आज या कल में रिहा हो सकते हैं।
जमानत की खबर मिलते ही पप्पू यादव की टीम ने उनके आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से पोस्ट साझा कर खुशी जताई। पोस्ट में लिखा कि “सत्यमेव जयते! सभी मुकदमों में जमानत हो गई है, सांसद पप्पू यादव जी शीघ्र आजाद होंगे। वह न्याय-इंसाफ के लिए सदैव लड़ेंगे, नाइंसाफी-अन्याय को बर्दाश्त न किया है, न वह करेंगे!” सांसद को मिली इस न्यायिक राहत के बाद उनके संसदीय क्षेत्र पूर्णिया और पटना में समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है। पप्पू यादव शुरू से ही अपनी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं और जेल से बाहर आने के बाद उनके फिर से जनसेवा और सियासी मैदान में सक्रिय होने की उम्मीद है।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई, लेकिन उनकी जमानत की यह राह कांटों भरी रही। पिछले कुछ दिनों से बिहार के न्यायालयों को जिस तरह बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही थीं, उसने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि सांसद की कानूनी प्रक्रिया में भी देरी का कारण बनीं। पिछले चार दिनों से पटना सिविल कोर्ट को लगातार ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिल रही थी। इस वजह से न्यायालय का कामकाज बार-बार प्रभावित हुआ। सांसद की टीम ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया था।