पटना : बिहार की राजधानी पटना के रेल नेटवर्क में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नेउरा से जट डुमरी के बीच बिछाई जा रही लगभग 18.2 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का काम अब अपने अंतिम चरण में है। इस रेल लाइन से न केवल यातायात सुगम बनेगी, बल्कि बिहटा और जट डुमरी जैसे इलाकों के आर्थिक विकास को भी नई गति देगी। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का 95 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और संभावना जताई जा रही है कि जून महीने से इस ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
प्रोजेक्ट की प्रगति को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने तैयारी तेज कर दी है। अगले महीने रेलवे सेफ्टी कमीशन (CRS) की टीम इस नए रेलखंड का निरीक्षण करने आएगी। टीम ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नलिंग और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करेगी। CRS की हरी झंडी मिलते ही इस रूट को आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में नेउरा स्टेशन के पास नॉन-इंटरलॉकिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जैसे ही यह तकनीकी कार्य संपन्न होगा, लाइन को मुख्य नेटवर्क से पूरी तरह जोड़ दिया जाएगा।
इस नए रेलखंड के शुरू होने से पटना के पश्चिमी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। बिहटा, दानापुर और मनेर के लोगों को अब गया जाने के लिए मुख्य पटना स्टेशन या अन्य लंबे रूटों पर निर्भर नहीं रहना होगा। राजगीर, दनियावां और बिहटा के बीच नई पैसेंजर ट्रेनों की सुविधा मिलेगी। लोग के लिए नए वैकल्पिक रूट से यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। रेलवे की योजना के अनुसार, भविष्य में हावड़ा-गया लाइन की कुछ प्रमुख ट्रेनों को इस नए रूट पर शिफ्ट किया जा सकता है।