पटना/पटना सिटी : पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय पटना साहिब महोत्सव का समापन भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। अंतिम दिन मंच पर देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त गायक और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर रात तक झूमते रहे और तालियों की गूंज से पूरा माहौल उत्साहित बना रहा।
कार्यक्रम में जैसे ही पार्श्व गायक अल्ताफ राजा मंच पर पहुंचे, दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत “तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे” और “इश्क और प्यार का मजा लीजिए” प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोग गीतों की धुन पर झूमते नजर आए। इससे पहले पार्श्व गायिका प्रिया मल्लिक ने मैथिली गीत “फहुनवा राघव सिया के सजनवा राघव लागेला” तथा “सुपर कूल हमार भैया, हाथी लेवे घोड़ा लेवे” गाकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। उनकी प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों की झड़ी लगा दी।
लोक गायक विजय कुमार सोनी ने “देहु शिवा वर मोहे ऐसे, शुभ करमन से कबहुं न टरूं” और “जो कुछ है संसार में उसी का दिया दौलत है” जैसे भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुति ने लोगों को भक्ति के सागर में डुबो दिया। वहीं, पंजाब के पटियाला से आई टीम ने गिद्धा लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। कलाकारों में मनदीप सिंह, स्नेहा शर्मा, मनप्रीत कौर, महक सिद्धू, मंजेंद्र कौर, दमनप्रीत सिंह, बलविंदर सिंह, अवनीत सिंह और जमनदीप सिंह शामिल रहे, जिन्होंने अपनी ऊर्जा और तालमेल से दर्शकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वरा आर्ट के कलाकारों ने भी अपनी लोक प्रस्तुति दी, जबकि लोक गायिका रानी कुमारी के गीतों ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया। अंत में सवेरा कला केंद्र के कलाकारों ने छठ गीत प्रस्तुत कर बिहार की लोक संस्कृति की झलक पेश की। दो दिवसीय पटना साहिब महोत्सव के सफल आयोजन की सराहना पूरे पटना सिटी क्षेत्र में की जा रही है। आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा दिया, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी एक बड़ा मंच प्रदान किया।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट