पटना : राजधानी पटना में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस और STF को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटना के टॉप-10 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात शिव गोप को जक्कनपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। शिव गोप पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत दो दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। शिव गोप का नाम JDU नेता और दानापुर नगर उपाध्यक्ष दीपक मेहता की सनसनीखेज हत्या में भी प्रमुखता से आया था। 28 मार्च 2022 को हुई इस हत्या में शिव गोप और रवि गोप पर 7 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाने का आरोप है।
शूटर्स ने खुलासा किया था कि जमीन विवाद के चलते कार्बाइन से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। शिव गोप की गिरफ्तारी का घटनाक्रम भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2024 में पूर्व राजद विधायक रीतलाल यादव के पिता के दाह संस्कार में शामिल होने के लिए दीघा घाट आया था। इसी दौरान पुलिस और STF ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया। वह 2018 के एक हत्या के मामले में भी काफी समय से फरार चल रहा था। शिव गोप का आपराधिक इतिहास दशकों पुराना है। 90 के दशक में मीठापुर और आसपास के इलाकों में उसका जबरदस्त खौफ था।
माना जाता है कि पटना के अपराध जगत में कार्बाइन जैसे अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल की शुरुआत उसी ने की थी। वह करीब 21 साल तक जेल में रहा, लेकिन बाहर आते ही दोबारा सक्रिय हो गया। जेल से छूटने के बाद वह अपराधियों और शूटर्स को हथियार एवं लॉजिस्टिक मुहैया कराने का सिंडिकेट चला रहा था। पटना पुलिस फिलहाल शिव गोप से सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से राजधानी में चल रहे कई बड़े आपराधिक गठजोड़ का खुलासा हो सकता है। उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।