पटना/बाढ़: पटना जिला के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत पंडारक थाना क्षेत्र के पुरणबीघा गांव में धर्म परिवर्तन की सूचना पर बुधवार को इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीन बाहरी पादरियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, हालांकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सभी को छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार, गांव में एक व्यक्ति के घर धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और आरोप लगाया कि कुछ लोगों को पांच से छह हजार रुपए का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए बुलाया गया है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल पंडारक थाने को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों पादरियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर बाढ़ एसडीपीओ-वन रामकृष्ण के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ की। एसडीपीओ-वन रामकृष्ण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में धर्म परिवर्तन या पैसों के लेनदेन से जुड़े आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों से पूछताछ के बाद किसी प्रकार के प्रलोभन या अवैध गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले, जिसके बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
वहीं, आयोजनकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि पुत्र रत्न की प्राप्ति के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान के लिए लखीसराय, गया और नालंदा से पादरियों को बुलाया गया था। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। हालांकि, कुछ ग्रामीण अब भी अपने आरोपों पर कायम हैं और उनका कहना है कि अनुष्ठान के दौरान लोगों को पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट