Patna : बिहार की सियासत एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ हर पल समीकरण बदल रहे हैं। CM नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले की खबरों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार की कमान किसके हाथों में होगी? जहां एक ओर बीजेपी खेमे से सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय और संजीव चौरसिया जैसे कद्दावर नेताओं के नामों की चर्चा जोरों पर है, वहीं अब इस रेस में एक नया और चमकता हुआ नाम जुड़ गया है कि चिराग पासवान का। लोजपा(रा) के सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के लिए उनकी बड़ी मां राजकुमारी देवी ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है।
उन्होंने न केवल चिराग को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जताई है, बल्कि उन्हें जीत का आशीर्वाद देते हुए कहा कि हम जानित ही कि चिराग बाबू मुख्यमंत्री बनथिन… नीतीश बाबू से सुंदर-सुंदर काम करके देखा देथिन। उनके कहने का साफ़ मतलब है कि चिराग को आगे बढ़ना चाहिए और जनता को उन्हें सपोर्ट करना चाहिए।राजकुमारी देवी के इस बयान ने बिहार की राजनीति में भावनात्मक और राजनीतिक उबाल पैदा कर दिया है, जिससे चिराग के समर्थकों में भारी उत्साह है। इसके साथ ही सीएम की कुर्सी के लिए दावेदारों की सूची लंबी होती जा रही है।
इन सब अटकलों के बीच बिहार की जनता का एक वर्ग नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से असंतुष्ट नजर आ रहा है। चर्चा यह भी है कि जनता का एक बड़ा हिस्सा नीतीश कुमार के बेटे निशांत को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहता है, ताकि विरासत का सिलसिला बना रहे। अब देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली और पटना के बीच चल रही इस बिसात में ऊंट किस करवट बैठता है। क्या चिराग अपनी बड़ी मां के आशीर्वाद से बिहार के ‘युवराज’ बनेंगे, या बीजेपी का कोई दिग्गज इस कुर्सी पर काबिज होगा?