पटना : बिहार में शराबबंदी और इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच नीतीश सरकार के मंत्री ने विपक्ष को करारा जवाब दिया है। बिहार विधानसभा परिसर में शुक्रवार को जेडीयू के कद्दावर नेता और मंत्री अशोक चौधरी ने शराबबंदी और इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे पर विपक्ष, खासकर आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून पर फिलहाल किसी भी तरह की समीक्षा का सरकार का कोई विचार नहीं है।
दरअसल, RJD MLC सुनील सिंह द्वारा विधानसभा में शराब की डिलीवरी कराए जाने के दावों पर पलटवार करते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि अगर आप डिलीवरी करा सकते हैं तो कराइए, लेकिन याद रखिए सीधा जेल जाइएगा। कानून तोड़ने वाले हर जगह होते हैं, क्या देश में आर्म्स एक्ट या दहेज प्रथा कानून नहीं टूटता? इसका मतलब यह नहीं कि कानून ही गलत है।
वहीं, सुनील सिंह द्वारा जेडीयू पर इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए पैसा लेने के आरोपों पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। मंत्री अशोक चौधरी ने दिवंगत सांसद किंग महेंद्र का बचाव करते हुए कहा कि किंग महेंद्र एक बड़े उद्योगपति थे। वे जेडीयू के सांसद थे, शराब माफिया नहीं। अगर एक उद्योगपति ने अपनी पार्टी को चंदा दिया, तो इसमें गलत क्या है? RJD खुद शराब कंपनियों से जुड़ी रही है और उन्हीं से पैसा लेती रही है।
गठबंधन के अंदर से उठ रही समीक्षा की मांगों पर अशोक चौधरी ने स्पष्ट किया कि भले ही कुछ लोग चाहते हों कि कानून की समीक्षा हो, लेकिन नीतीश सरकार अभी इस पर कोई विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में नकली शराब का धंधा करते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़कर जेल भेज रही है।